
टीकाराम जूली। फोटो: पत्रिका
जयपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान दिवस की तिथि बदलने को परंपरा से छेड़छाड़ बताया है। वहीं, 2047 के विकसित राजस्थान के विजन को 'जमीन से कटा' करार दिया। उन्होंने बढ़ते कर्ज, घटती विकास दर, पूंजीगत खर्च में कमी और पंचायत-निकाय चुनाव में देरी को सरकार की नीतिगत विफलता बताया।
उनका कहना है कि सरकार 'घोषणा और प्रचार पर ज्यादा केंद्रित है, जबकि जनता को ठोस परिणाम नहीं मिल रहे। पेश है राजस्थान पत्रिका के संवाददाता सुनील सिंह सिसोदिया से बातचीत के मुख्य अंश…।
Q. विकसित राजस्थान 2047 पर आपकी राय?
A. पिछले वर्षों में जीएसडीपी ग्रोथ में गिरावट आई है। कांग्रेस सरकार के समय 2021-22 में राजस्थान की जीएसडीपी ग्रोथ लगभग 17.5 फीसदी और 2022-23 में 13.3 फीसदी रही। भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2023-24 में लगभग 12.8 फीसदी और 2024-25 में करीब 11.5 फीसदी आंकी गई। अगर 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनानी है, तो निवेश. रोजगार और पूंजीगत खर्च में तेज बढ़ोतरी दिखनी चाहिए।
Q. आप राज्य को वित्तीय संकट की ओर बढ़ता बता रहे हैं, इसके ठोस आधार क्या हैं?
A. करीब दो साल में ही 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। ब्याज भुगतान का बोझ तेजी से बढ़कर 60 हजार करोड़ से अधिक पहुंच रहा है। इसका मतलब है कि राज्य की बड़ी आय पुराने कर्ज चुकाने में जा रही है और विकास के लिए संसाधन सीमित हो रहे हैं।
Q. पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर क्या कहेंगे?
A. ओबीसी आरक्षण महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन सरकार इसे देरी का बहाना नहीं बना सकती। समय रहते तैयारी क्यों नहीं की गई।
Q. राजस्थान दिवस 19 मार्च को मनाने का फैसला, आप इसे कैसे देखते हैं?
A. राजस्थान दिवस केवल सांस्कृतिक तिथि नहीं, बल्कि आधुनिक राजस्थान के प्रशासनिक एकीकरण और पहचान का प्रतीक है। जब दशकों से 30 मार्च को इसे मनाया जा रहा है, तो बदलाव क्यों? क्या सरकार खुद अपने व्यक्तिगत जीवन में ऐसे तिथि आधारित बदलाव अपनाती है। इस फैसले से हर साल सरकारी कैलेंडर और कार्यक्रमों में अनावश्यक बदलाव होंगे।
Q. आपकी पार्टी का प्रदेश के लिए विजन क्या है?
A. हम तीन स्तंभों पर काम करना चाहते हैं। मानव विकास, जन-आधारित अर्थव्यवस्था और जवाबदेह शासन। हम चाहते हैं कि योजनाएं बंद या कमजोर न हों, बल्कि उनका विस्तार हो।
Q. विपक्ष के तौर पर आपकी ठोस रणनीति क्या है?
A. हमारी रणनीति तीन हिस्सों में है। पहला… बंद या कमजोर की गई योजनाओं की बहाली, दूसरा…. बजट और खर्च में जवाबदेही सुनिश्चित करना, और तीसरा… जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाना।
Published on:
20 Mar 2026 08:28 am
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