
सीकर। राजस्थान के सीकर में सात साल पुराने हुए प्रेम विवाह से जुड़े हत्या प्रकरण में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। प्रेम विवाह के गवाह बने व्यक्ति की अपहरण के बाद बेरहमी से पिटाई की गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
एडीजे-1 सत्यप्रकाश सोनी की अदालत ने सात साल पुराने लव मैरिज प्रकरण में प्रेमी के मामा हरलाल जाट की हत्या के मामले में छह आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में युवती चंद्रकला का भाई बिहारीलाल जाट, पिता रामदयाल जाट, ताऊ रिछपाल ढाका, सुखदेवाराम, बालूराम जाट तथा वारदात का वीडियो बनाने वाला नेमीचंद शामिल हैं।
राज्य सरकार के अपर लोक अभियोजक एडवोकेट रामावतार शर्मा ने बताया कि मृतक हरलाल जाट के भांजे सुरजीत ने सांवलोदा पुरोहितान निवासी चंद्रकला से आर्य समाज में विवाह किया था। इस विवाह के प्रमाण पत्र पर गवाह के रूप में हरलाल ने हस्ताक्षर किए थे। इसी बात से नाराज होकर युवती के परिजन हरलाल से रंजिश रखने लगे।
30 अक्टूबर 2019 को आरोपियों ने योजना बनाकर हरलाल को फोन कर मिलने के बहाने बुलाया और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद उसे घर ले जाकर खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। इस दौरान नेमीचंद मारपीट का वीडियो बनाता रहा। घटना की सूचना मिलने पर सुरजीत ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गंभीर रूप से घायल हरलाल को सीकर के एसके अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे जयपुर रैफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में चंद्रकला ने कोर्ट में बयान दिया कि 24 जून 2019 को उसके परिवार ने उसकी शादी एक दोगुनी उम्र के व्यक्ति से तय कर दी थी। इससे नाराज होकर उसने सुरजीत के साथ आर्य समाज में विवाह कर लिया। इस शादी में उसके मामा हरलाल ने सहयोग किया था।
चंद्रकला ने बताया कि विवाह से नाराज उसके परिजनों ने उसे, उसके पति सुरजीत और मामा हरलाल को कई बार जान से मारने की धमकियां दी थीं। इसी रजिश के चलते 30 अक्टूबर 2019 को हरलाल का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र पेश किया था, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।