
सीकर. वीरों- शूरवीरों और संतों की धरती शेखावाटी अपने शौर्य, बलिदान, वीरता, शहादत के लिए देशभर में जाना जाता है। शेखावाटी के साथ ही नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, मारवाड़ के भूभाग से हर वर्ष हजारों युवा सेना में भर्ती होते हैं। आज भी सबसे अधिक सैनिक व पूर्व सैनिक झुंझुनूं जिले में है। हालांकि जब से भारतीय सेना में अग्निवीर लागू की गई तब से सीकर, झुंझुनूं, नागौर, कुचामनसिटी, अलवर, जयपुर सहित अन्य जिलों में एक हजार से अधिक डिफेंस एकेडमियां हो गई हैं। वहीं बहुत से डिफेंस एकेडमी संचालकों ने इसका रूप बदल दिया है, अब वे सेना के साथ ही पुलिस, आरएसी और अर्द्धसेनिक बलों की तैयारी भी करवाने लग गए है। ऐसे में युवा अब अग्निवीर से मुख मोड़ रहे है। वहीं अब लिखित परीक्षा पहले आयोजित होने से युवाओं की छंटनी भी हो जाती है। राजस्थान में अग्निवीर योजना से पहले सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की भीड़ रहती थी। आसपास के गांवों के युवा दिन निकलने से पहले प्रैक्टिस के लिए पहुंच जाते थे। कई एकेडमी वाले भी स्टूडेंट्स को तैयारी के लिए यहां लाते थे। यही नहीं शेखावाटी के गांवों तक में पूर्व सैनिक व आर्मी से अवकाश पर आए जवान युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी करवाते थे। पूर्व सैनिक अपने गांव के युवाओं को निशुल्क फिजिकल, लिखित परीक्षा के लिए टेंड करते थे।
जब से अग्निवीर सेना भर्ती शुरू हुई तब से युवाओं में सेना भर्ती के प्रति रूझान कम हो गया है। युवा अब कक्षा छह से ही एनडीए, सीडीएस की तैयारी के लिए कक्षा छह से ही जुट रहे है। वहीं सेना में जाने की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राएं सैनिक स्कूल व निजी सैनिक स्कूलों में प्रवेश ले रहे है। युवा दूसरे कॅरियर ऑप्शन तलाश रहे है।
अकेले सीकर शहर में 150 से अधिक डिफेंस एकेडमी संचालित हो रही थी। अब शहर में गिनी-चुनी एकेडमी चल रही है। नागौर का कुचामनसिटी, नागौर शहर, अलवर, झुंझुनं में भी सैकड़ों डिफेंस एकेडमी बंद हो चुकी है। इन डिफेंस एकेडमियों से पूर्व सैनिकों, सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित हजारों कार्मिकों को रोजगार मिल रहा था।
जिला खेल स्टेडियम में सेना भर्ती रैली के दूसरे दिन शुक्रवार को सीकर और जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के पंजीकृत 610 अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। जयपुर आर्मी हेडक्वार्टर की ओर से आयोजित इस भर्ती रैली में जयपुर एवं सीकर जिले के साथ-साथ झुंझुनूं, अलवर, कोटा एवं जोधपुर एआरओ भर्ती क्षेत्र के कुल 12,270 अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। अभ्यर्थियों के दस्तावेज देखकर व दौड़ का कूपन लेकर एक-एक कर देर रात उन्हें स्टेडियम में प्रवेश दिया जाता है। इसके बाद अलसुबह अलग-अलग ग्रुपों में युवाओं को सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक पर दौड़ करवाई जाती है। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट लिया जाता है। शनिवार को सीकर जिले के दांतारामगढ़, धोद, खंडेला एवं नेछवा क्षेत्र के 620 अभ्यर्थी भर्ती रैली में भाग लेंगे।