सीकर

Rajasthan Farmers: किसानों को राहत, गाइडलाइन में बदलाव; नहीं लगाने पड़ेंगे पटवारियों के चक्कर

Rajasthan Farmers: इस बार उपज के लिए जमीन का खाता नम्बर दर्ज करते ही ऑनलाइन गिरदावरी उपलब्ध हो जाएगी । फर्जी गिरदावरी पर अंकुश लगाने और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है ।

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Mar 20, 2026

Rajasthan Farmers: सीकर। समर्थन मूल्य ( एमएसपी ) पर चना और सरसों बेचने पर किसानों को पटवारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे । वजह खरीद प्रक्रिया के दौरान फर्जी गिरदावरी को लेकर इस बार सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है ।

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फर्जी गिरदावरी पर लगेगा अंकुश

गाइडलाइन के अनुसार इस बार उपज के लिए जमीन का खाता नम्बर दर्ज करते ही ऑनलाइन गिरदावरी उपलब्ध हो जाएगी । फर्जी गिरदावरी पर अंकुश लगाने और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है ।

अब 12 क्विंटल प्रति हेक्टैयर होगी खरीद

वहीं नई व्यवस्था के तहत अब प्रति किसान 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की बजाय अधिकतम 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज की ही खरीद की जाएगी । गौरतलब है कि प्रदेश में फिलहाल सरसों व चना के उत्पादन के 25 प्रतिशत तक ही सरकारी खरीद की सीमा तय की गई है। इसके लिए कृषि विभाग से किसानों के उत्पादन का डाटा मांगा गया है ।

आज से करवा सकेंगे पंजीयन

उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेन्द्र पाल ने बताया कि समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए शुक्रवार से किसान पंजीयन करवा सकेंगे । पंजीयन ई मित्र पर या किसान अपने मोबाइल पर कर सकेगा । पंजीयन राजफेड के एप पर किया जा सकता है । प्रक्रिया को भी सरल और ऑनलाइन किया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो ।

सीकर जिले में सत्रह केन्द्रों पर होगी खरीद

पंजीयन के बाद जिले में 1 अप्रेल से 17 खरीद केंद्रों पर चना और सरसों की खरीद शुरू होगी । खरीद सीकर जिले में सत्रह खरीद केन्द्रों पर होगी । इसके लिए संबंधित केन्द्रों पर बारदाने की व्यवस्था की जा रही है । केन्द्र सरकार ने चना के लिए 5,875 और सरसों के लिए 6,200 प्रति क्विंटल तय किया ।

राजस्थान में किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद की जाती है । यह मूल्य सरकार की ओर से तय किया जाता है, जिस पर सरकारी एजेंसियां किसानों से फसल खरीदती हैं। गेहूं, सरसों, चना, जौ जैसी प्रमुख फसलें समर्थन मूल्य ( एमएसपी ) पर खरीदी जाती हैं। राज्य में खरीद प्रक्रिया सहकारी समितियों और मंडियों के माध्यम से होती है ।

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Published on:
20 Mar 2026 01:01 pm
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