सीकर

राजस्थान पुलिस ने ‘शेखावाटी’ में पहली बार कर डाला वो काम जो आज तक नहीं हुआ, जानकार आप भी रह जायेंगें हैरान

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Oct 12, 2018
rajasthan police

सीकर/ फतेहपुर।

राजस्थान में थानेदार और कांस्टेबल की हत्या के मामले में बदमाशों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले सभी बदमाशों को सलाखों तक पहुंचने के लिए पुलिस कई तरह की रणनीति पर काम कर रही है। इन्हीं में से एक है पूरे क्षेत्र में इंटरनेट बंदी कर बदमाशों को पकड़ना। यही वजह है कि शेखावाटी क्षेत्र में पहली बार अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने इंटरनेट बंद करने का फैसला किया।


48 घंटे तक बंद इंटरनेट
पुलिस ने शेखावाटी में पहली बार किसी अपराधी को पकडऩे के लिए इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी। लगातार 48 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद रहने के बाद भी पुलिस आरोपितों को पकडऩे में सफलता हासिल नहीं कर सकी।

इधर, घटना के इतने दिन बाद भी गांव-गांव ढाणी-ढाणी में आरोपियों की तलाश के बाद पुलिस का मानना है कि अपराधी शातिर किस्म के हैं। एेसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस के डर से उन्होंने क्षेत्र छोड़ दिया है।

अब तक 13 बार लगाई गई रोक
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी पिछले दो साल के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा अफवाह नहीं फैलने के कारण इंटरनेट सेवा पर 13 बार रोक लगाई जा चुकी है। लेकिन, अपराधियों पर अंकुश के लिए सेवा बंद करने का निर्णय पहली बार देखने को मिला है। पुलिस के अधिकारी निर्णय जयपुर स्तर से जारी होने का हवाला दे रहे हैं।

फतेहपुर से दूसरी बार इंटरनेट बंदी
पुलिस पर फायरिंग से पहले अभी हाल ही में फतेहपुर में कावडि़यों के साथ मारपीट की घटना के बाद हुए बवाल पर इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया था। इससे पहले चूरू जिले में गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद नेट की सेवा पर शेखावाटी में रोक लगा दी गई थी। उससे पहले सीकर शहर में कल्याणजी मंदिर के पास युवकों के आपसी विवाद के बाद बिगडे़ हालातों पर काबू पाने के लिए सेवा को कई दिन प्रभावित रखा गया था।

गिरफ्तार आरोपी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर
पुलिस पर फायरिंग के बाद मोहल्ला नायकान में गोली चलाने के आरोपी दिनेश उर्फ लारा व कैलाश उर्फ नागौरी को कोर्ट में पेश किया गया। यहां मजिस्ट्रेट के आदेश पर दोनों आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।

इनका कहना
कड़ी खोजबीन के बाद पुलिस आरोपियों के नजदीक थी। लेकिन, भनक लग जाने के बाद उन्होंने जगह बदल ली। किसी विशेष प्रयोजन के कारण इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगाई थी। जिसे बहाल कर दिया गया है।
प्रदीप मोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सीकर

Published on:
12 Oct 2018 01:01 pm