खाटूश्यामजी के विश्वप्रसिद्ध फाल्गुन मेले के सफल समापन के बाद सीकर जिले में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। अमूमन खाटू की गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था संभालते दिखने वाले खाटू के 'रक्षक', शनिवार को बाबा श्याम के 'भक्त' के रूप में नजर आए। मेले के शांतिपूर्ण आयोजन और व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रींगस से खाटूश्यामजी तक आभार पदयात्रा निकाली।
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित बाबा खाटूश्यामजी का लक्खी फाल्गुन मेला 2026 अपनी भव्यता और बेमिसाल सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न हो गया। लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन करवाने के बाद, अब पुलिस और प्रशासन ने बाबा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की है। शुक्रवार को सीकर एसपी (SP) प्रवीण नायक के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने रींगस से खाटूधाम तक पैदल यात्रा कर अपनी सेवा का संकल्प दोहराया।
मेला संपन्न होने के बाद रींगस से खाटू तक के पदयात्रा मार्ग पर उस समय माहौल आध्यात्मिक हो गया, जब जिले के आला पुलिस अफसर आम श्रद्धालुओं की तरह हाथों में निशान थामे पैदल चलते नजर आए।
पदयात्रा का नेतृत्व सीकर एसपी प्रवीण नायक ने किया। इस दौरान एएसपी (ASP) दीपक गर्ग, डीएसपी (DSP) आनंद राव, रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार, खाटूश्यामजी थानाधिकारी पवन चौबे और सदर थाना प्रभारी अमित नागोरा सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए।
खाटू मेले के दौरान राजस्थान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा थी।
इस पदयात्रा के जरिए पुलिस प्रशासन ने जनता को एक सकारात्मक संदेश दिया है। एसपी प्रवीण नायक ने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वह आस्था और जनसेवा के कार्यों में भी उतनी ही सक्रिय है। पदयात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों का उत्साह देखने लायक था और रास्ते भर "हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा" के जयकारे गूंजते रहे।
इस अनूठी पदयात्रा को देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी गदगद नजर आए। लोगों का कहना था कि सुरक्षा बल जब इस तरह अपनी आस्था प्रकट करते हैं, तो आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास और भी गहरा होता है। पुलिसकर्मियों ने खाटू पहुँचकर बाबा श्याम के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मेला संपन्न होने के बाद अब प्रशासन आगामी आयोजनों के लिए फीडबैक और रिव्यू मीटिंग करेगा। इस पदयात्रा को उस रिव्यू से पहले का एक 'सेलिब्रेशन' माना जा रहा है। राजस्थान पुलिस की इस पहल की सोशल मीडिया पर भी जमकर तारीफ हो रही है।