सीकर

Rajasthan Tourism: राजस्थान में बढ़ते धार्मिक पर्यटन ने शेखावाटी में खोली रोजगार की नई राह, इन 3 प्रोजेक्ट से और उछाल की आस

Rajasthan Religious Tourism: कोरोना के बाद राजस्थान में लगातार बढ़ते धार्मिक पर्यटन ने शेखावाटी में रोजगार की नई राहें खोल दी है।

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Jan 31, 2026
खाटूश्यामजी। पत्रिका फाइल फोटो

Shekhawati Religious Tourism: सीकर। कोरोना के बाद राजस्थान में लगातार बढ़ते धार्मिक पर्यटन ने शेखावाटी में रोजगार की नई राहें खोल दी है। स्कूल, कोचिंग व कॉलेज सेक्टर के साथ धार्मिक पर्यटन में इजाफा होने से यहां अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। खाटूश्यामजी, सालासर, जीणभवानी व शाकम्भरी में पिछले तीन सालों में भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

एक्सपर्ट का कहना है कि यदि शेखावाटी पर्यटन सर्किट को मंजूरी मिलती है तो यहां पर्यटन सेक्टर चमक सकता है। देश व प्रदेश की राजधानी के पास सैटेलाइट सिटी के तौर पर सीकर के विकसित होने से यहां नए उद्योगों के लिए भी निवेशकों की कदमताल शुरू हो गई है।

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2.94 करोड़ पर्यटक पहुंचे सीकर, 28 लाख बढ़े

साल 2025 में जिले के चार प्रमुख स्थलों खाटूश्यामजी, जीणमाता, शाकंभरी व हर्ष पर ही 2 करोड़ 94 लाख पर्यटक पहुंचे, जो 2024 के मुकाबले करीब 28 लाख ज्यादा हैं। इनमें 22 लाख की बढ़ोतरी सहित सबसे ज्यादा 2.58 करोड़ पर्यटक खाटूश्यामजी पहुंचे। खास बात ये भी है कि इस दौरान जीणमाता, शाकंभरी व हर्ष में भी पर्यटकों की संख्या में छह लाख का इजाफा दर्ज है। पर्यटन के लिए नाइट स्टे करने वाले पर्यटक भी बढ़े हैं।

तीन प्रोजेक्ट से और उछाल की आस…

1. खाटूश्यामजी कॉरिडोर: खाटूश्यामजी में महाकाल की तर्ज पर लगभग 100 करोड़ की लागत से कॉरिडोर बनना है। इस कॉरिडोर के बाद श्याम नगरी में भक्तों की संख्या में और इजाफा होने की आस है।

2. शेखावाटी पर्यटन सर्किट: सालासर, खाटूश्यामजी सहित शेखावाटी के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए यहां पर्यटन सर्किट की योजना तैयार हुई है। यहां के प्रवासियों की ओर से सरकार को एयर टैक्सी सेवा का प्रस्ताव भी दिया है।

3. ग्रामीण पर्यटन: सरकार की ओर से शेखावाटी की हवेलियों को संरक्षित करने के लिए कानून बनाने का दावा किया है। वहीं ग्रामीण पर्यटन के लगातार बढ़ने से शेखावाटी में पर्यटन के साथ निवेश की नई संभावना बनी है।

धार्मिक स्थल व कनेक्टिविटी अहम

सीकर में पर्यटन बढ़ने का कारण खाटूश्यामजी व जीणमाताजी सरीखे धार्मिक स्थल व मेले हैं। जयपुर व दिल्ली दोनों राजधानी से नजदीक तथा बेहतर सड़क व रेल संपर्क की वजह से भी पर्यटकों को यहां काफी सहूलियत मिल रही है। पर्यटकों की आवक से जिले में होटल, धर्मशालाओं और स्थानीय व्यापार को भी सीधा लाभ मिल रहा है।

टॉपिक एक्सपर्ट…

शेखावाटी में पर्यटन की सुविधाओं के विस्तार व बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में आगामी वर्षों में भी जिले में पर्यटकों की संख्या में लगातार ही इजाफा होने की संभावना है।
-अनु शर्मा, सहायक निदेशक, पर्यटन विभाग, सीकर

शेखावाटी की पहचान एज्युकेशन ट्यूरिज्म के जरिए मजबूत हुई। कोरोना के बाद शेखावाटी में धार्मिक पर्यटन सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से शेखावाटी में निवेशकों का रुझान भी लगातार बढ़ रहा है।
मनीष ढाका, पर्यटन मामलों के विशेषज्ञ

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