Sikar Master Plan 2041: मास्टर प्लान में शहर के दस प्रमुख मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। सबसे ज्यादा जयपुर रोड व फतेहपुर रोड की चौड़ाई 50-50 फीट और बढ़ेगी।
Development In Rajasthan: शिक्षानगरी सीकर का मास्टर प्लान जारी होने के साथ पड़ौस की ग्राम पंचायतों की तस्वीर भी अब बदलेगी। गोकुलपुरा, भढ़ाडर, भैरूपुरा, चंदपुरा, नानी, मलकेड़ा, भैरूपुरा सहित अन्य गांवों में विकास के खाके लिए जमीन तय होने से अब यहां भी शहरीकरण की रतार बढ़ना तय है।
शहर में बढ़ती जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए भी मास्टर प्लान में शहर के दस प्रमुख मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। सबसे ज्यादा जयपुर रोड व फतेहपुर रोड की चौड़ाई 50-50 फीट और बढ़ेगी। जबकि रोड सहित आठ अन्य मार्ग की चौड़ाई 15 से 40 फीट तक बढ़ेगी। मास्टर प्लान जारी होने से रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्टर डोज मिल सकेगा। वहीं मास्टर प्लान की वजह से शहर में अटकी 150 से अधिक कॉलोनी अब अनलॉक हो सकेगी। लेकिन मास्टर प्लान जारी होने के साथ कुछ लोगों की चिन्ता भी बढ़ गई है, क्योंकि यूआइटी से अनुमोदित कॉलोनियों में भूखण्ड लिए। लेकिन मास्टर प्लान में उस जोन में सुविधा क्षेत्र बता दिया गया। ऐसे में यूआइटी को अब जगह में बदलाव करना होगा। वहीं कई इलाके के लोगों ने सर्वे की मांग भी उठाई है।
लोगों ने कहा कि 19 महीने पहले यह मास्टर प्लान लागू हो जाता तो इस तरह की दिक्कतें नहीं होती। नए मास्टर प्लान में स्टेडियम की जगह बदली गई है। लेकिन झुंझुनूं बाइपास को 200 से 150 फीट करने का फैसला नहीं लिया गया है। इस वजह से लोगों को पट्टे नहीं मिल सकेंगे।
मास्टर प्लान के प्रारूप व नक्शे का कोई भी आमजन नगर परिषद कार्यालय में अवलोकन कर सकता है। वहीं मास्टर प्लान को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। एक महीने बाद नगर नियोजन विभाग की ओर से आपत्तियों का समाधान किया जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान जारी हो सकेगा।
एक्सपर्ट के अनुसार जिस हिसाब से शिक्षानगरी का विकास हुआ है उस हिसाब से आवासीय क्षेत्र कम आंका गया है। वहीं नए इलाकों में नए मार्ग के किनारे वाणिज्यिक जोन नहीं बताया गया। यह मास्टर प्लान में बताया जाता तो नगरीय संस्थाओं की आय में बढ़ोतरी के साथ आमजन को राहत मिलती।
शहरी सीमा में शामिल होने वाले नए क्षेत्रों के भूमि रूपान्तरण का अधिकारी नगर परिषद को दिया है। इससे नगर परिषद की निजी आय में बढ़ोतरी हो सकेगी। लोग समय पर भूमि रूपान्तरण करवा सकेंगे।
एज्युकेशन हब की वजह से सीकर की ग्रोथ में काफी बढ़ोतरी हुई है। देशभर के विद्यार्थियों के यहां पढ़ाई करने आने की वजह से आवासीय जोन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से मास्टर प्लान को 2031 से पहले ही संशोधित करने की आवश्यकता पड़ी।
स्टेशन रोड: 120 फीट
सिल्वुर जुबली रोड: 100 फीट
जयपुर रोड: 200 फीट
रानी शक्ति रोड: 120 फीट
फतेहपुर रोड: 200 फीट
नवलगढ़ रोड: 100 फीट
सालासर रोड: 80 फीट
बजाज रोड: 50 फीट
राधाकिशनुपर रोड: 40 फीट
धोद रोड: 80 फीट