सीकर

राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग की बड़ी साजिश नाकाम, दबोचे गए गुर्गे, विदेशी हथियार बरामद

Rohit Godara Gang: राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग की बड़ी साजिश को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और सीकर पुलिस ने नाकाम कर दिया। तीन गुर्गों को गिरफ्तार कर तुर्की निर्मित जिगाना समेत चार पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए।
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Jun 27, 2026
Rajasthan Rohit Godara gang
Rohit Godara gang (Patrika File Photo)

Rajasthan Rohit Godara gang: राजस्थान के सीकर जिले समेत पूरे प्रदेश को दहलाने की एक और बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग की ओर से राजस्थान में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की पूरी साजिश रची गई थी। लेकिन एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से इस बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने गैंग के तीन गुर्गों को गिरफ्तार कर उनके पास से हथियारों का जखीरा बरामद किया है।

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स से मिले इनपुट के आधार पर सीकर की कोतवाली और लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रोहित गोदारा गैंग के तीन सक्रिय गुर्गों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से अत्याधुनिक 'जिगाना पिस्टल' सहित कुल चार पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने कार्रवाई की शुरुआत करते हुए 18 जून की सुबह करीब 6 बजे गुलाब सिंह (पुत्र लाल सिंह) को एक फ्लैट पर दबिश देकर गिरफ्तार किया। इसके बाद 18 जून की ही देर रात पुलिस ने दूसरे आरोपी प्रदीप मंडीवाल (पुत्र श्रीचंद मंडीवाल) को उसके घर से दबोच लिया। पूछताछ के बाद 19 जून की शाम को पुलिस ने तीसरे आरोपी मनोज थालौड़ को भी गिरफ्तार कर लिया। मनोज ने ही गुलाब सिंह की मुलाकात गोदारा गैंग के मुख्य हैंडलर राहुल रिणाऊ से करवाई थी।

सिर्फ सीकर ही नहीं, कई जिलों में थी सप्लाई की तैयारी

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि सीकर में पकड़े गए हथियार किसी बड़ी वारदात के लिए आए थे। लेकिन सूत्रों से मिली गहरी जानकारी के अनुसार, रोहित गोदारा गैंग ने राजस्थान में केवल चार पिस्टल और 63-64 कारतूस ही नहीं मंगवाए थे, बल्कि हथियारों की एक बहुत बड़ी खेप राजस्थान भेजी गई थी।

इस खेप में करीब एक दर्जन अत्याधुनिक पिस्टल और सैकड़ों राउंड कारतूस शामिल थे। इन हथियारों को सीकर के अलावा श्रीगंगानगर और राज्य के एक अन्य जिले में भी सप्लाई किया जा चुका था। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी हथियारों और कारतूसों को समय रहते बरामद कर लिया, जिससे गैंग की बड़ी प्लानिंग पूरी तरह फेल हो गई।

तुर्की की बनी 'जिगाना' पिस्टल से होनी थी वारदात

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से गुलाब सिंह के पास से पुलिस ने तुर्की निर्मित प्रसिद्ध जिगाना पिस्टल बरामद की है, जिसका इस्तेमाल देश के कई बड़े गैंगस्टर्स हाई-प्रोफाइल मर्डर में करते आए हैं। इसके अलावा प्रदीप मंडीवाल के पास से दो पिस्टल और कारतूस मिले।

जांच में सामने आया कि प्रदीप और गुलाब सिंह केवल हथियार की डिलीवरी लेने और उन्हें आगे शूटर्स तक पहुंचाने वाले मीडिएटर का काम कर रहे थे। हथियारों की यह खेप राजस्थान में गैंग के एक अन्य गुर्गे सागर के जरिए अलग-अलग जगहों पर सप्लाई की गई थी। लगातार दो बार हथियारों की खेप पकड़े जाने से अब रोहित गोदारा गैंग की कमर टूट चुकी है।

डिजिटल विफलता और हरियाणा में शूटर्स की गिरफ्तारी

पिछले तीन महीनों में यह दूसरा मौका है, जब गोदारा गैंग की बड़ी साजिश नाकाम हुई है। इससे पहले अप्रैल महीने में सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि सुजानगढ़ की एक होटल पर रोहित गोदारा गैंग के शूटर्स हथियार लेकर पहुंचने वाले हैं। एजेंसियों ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर जाल बिछाया, लेकिन शूटर्स को राजस्थान की सीमा में दाखिल होने से पहले ही हरियाणा में गिरफ्तार कर लिया गया।

सिग्नल एप छोड़ना पड़ा भारी

गैंग की इस विफलता के पीछे एक दिलचस्प तकनीकी कारण भी सामने आया है। वर्तमान में रोहित गोदारा गैंग पुलिस की सर्विलांस से बचने के लिए सिग्नल एप के बजाय किसी दूसरी गोपनीय एप का सहारा ले रही थी। लेकिन वह एप सही तरीके से काम नहीं कर पा रही थी। डिजिटल कम्युनिकेशन टूटने की वजह से गोदारा गैंग के विदेशों में बैठे आकाओं का स्थानीय गुर्गों से संपर्क नहीं हो पाया, जिससे शूटर्स के राजस्थान पहुंचने में देरी हुई और पुलिस को उन्हें दबोचने का पूरा वक्त मिल गया।

सर्राफा कारोबारी से 3 करोड़ की रंगदारी

इस पूरी साजिश के तार जनवरी महीने में सीकर शहर के एक बड़े सर्राफा कारोबारी से मांगी गई 3 करोड़ रुपए की फिरौती से जुड़े हैं। जब कारोबारी ने पैसे नहीं दिए, तो उसकी हत्या करने या डराने के लिए शूटर्स बुलाए जाने थे। इस मामले में पुलिस ने रेकी करने वाले एक नाबालिग लड़के और राहुल रिणाऊ के जीजा शिव गौतम को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

सीकर में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे एक नाबालिग छात्र को गैंग के हैंडलर राहुल ने लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। उसे जिम्मेदारी दी गई थी कि जब बाहर से शूटर्स सीकर आएंगे, तो उनके छिपने और ठहरने की व्यवस्था वही करेगा।

इस काम के लिए नाबालिग को 10 से 20 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे, जो राहुल के जीजा शिव गौतम ने पहुंचाए थे। लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात से पहले ही नाबालिग को दस्तयाब कर लिया था।

मजबूरी और नशे की लत ने बनाया अपराधी

वर्तमान में राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग का पूरा नेटवर्क वीरेंद्र चारण और राहुल रिणाऊ संभाल रहे हैं। ये दोनों विदेशों या सुरक्षित ठिकानों से बैठकर राजस्थान के स्थानीय युवाओं को टारगेट करते हैं। इस केस में पकड़े गए आरोपियों के गैंग से जुड़ने की वजह बेहद चौंकाने वाली हैं।

गुलाब सिंह, इसे व्यापार में करीब 1 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। अपने पार्टनर्स से बदला लेने और डरा-धमकाकर रुपए वसूलने के लिए यह मनोज के जरिए गैंग से जुड़ा था। प्रदीप मंडीवाल, यह युवक स्मैक पीने का आदी था। टेलीग्राम एप के जरिए यह राहुल रिणाऊ के संपर्क में आया और नशे के खर्च तथा थोड़े से पैसों के लालच में देशविरोधी गैंग का हिस्सा बन गया।

सीकर में रोहित गोदारा गैंग का इतिहास

गैंगस्टर राजू ठेहट हत्याकांड (दिसंबर 2022): सीकर के कोचिंग हब इलाके में कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर खुद रोहित गोदारा ने ली थी। उस वक्त भी गैंग ने स्थानीय लड़कों और हरियाणा के शूटर्स का इस्तेमाल किया था। हत्याकांड के दौरान कोचिंग जा रहे एक बेकसूर पिता (ताराचंद कड़वासरा) की भी गोली लगने से मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे राजस्थान में भारी आक्रोश फैल गया था।

व्यापारियों को धमकी और फायरिंग: राजू ठेहट हत्याकांड के बाद से ही सीकर के बड़े कोचिंग संचालकों, कपड़ा व्यापारियों और सर्राफा व्यवसायियों को लगातार रोहित गोदारा के नाम से इंटरनेशनल वर्चुअल नंबर्स से रंगदारी के फोन आते रहे हैं। कई बार डराने के लिए व्यापारियों के घरों या प्रतिष्ठानों पर फायरिंग तक करवाई जा चुकी है।

सीकर पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की इस ताजा संयुक्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भले ही गैंगस्टर्स विदेशों में बैठकर राजस्थान को अशांत करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का लोकल नेटवर्क और डिजिटल इनपुट अब इन अपराधियों पर भारी पड़ रहा है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Published on:
27 Jun 2026 04:35 pm