सीकर

2nd Day of Rajasthan farmers protest : सीकर जाम में नाचते-गाते बीती किसानों की रात, जेळी-गंसासी लेकर महिलाएं भी डटी रहीं

Sikar Jam : कई मांगों को लेकर रामूकाबास तिराहे पर सीकर-जयपुर नेशनल हाईवे (एनएच 52) दूसरे दिन शुक्रवार को भी किसानों के कब्जे में रहा। 

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Feb 23, 2018

सीकर/जयपुर. गिरफ्तार किसान नेताओं को रिहा करने व सम्पूर्ण कर्जा माफी समेत कई मांगों को लेकर रामूकाबास तिराहे पर सीकर-जयपुर नेशनल हाईवे (एनएच 52) दूसरे दिन शुक्रवार को भी किसानों के कब्जे में रहा। सीकर जाम के कारण जयपुर ? रोड पर आवागमन सामान्य नहीं हो पाया है। सीकर, बीकानेर , चूरू, झुंझुनूं, हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर के लाखों यात्री परेशान हो रहे हैं। हजारों किसान यहां पर गुरुवार सुबह दस बजे से जाम लगाए बैठे हैं। किसानों ने खेत-खलिहान छोड़ गुरुवार की रात सडक़ पर ही बिताई।

पुरुष ही नहीं बल्कि यहां पर सैकड़ों महिला किसानों ने भी डेरा डाल रखा है। महिला किसान हाथों में जेळी-गंडासी लेकर आई हैं तो किसानों के पास चंग-ढप आदि हैं। गुरुवार की रात को एक तरफ महिला किसान लोकगीत गाती रही तो दूसरी ओर पुरुष किसान होली के धमालों पर नाचते रहे। जाम स्थल पर ही किसानों के लिए खाना बना। उल्लेखनीय है कि 1 सितम्बर से 13 सितम्बर 2017 तक भी किसानों ने सीकर किसान आंदोलन किया था। इस बार भी सीकर किसान आंदोलन की तर्ज पर ही किसानों रामूकाबास में डेरा डाला है।

सीकर जाम की कुछ खास बातें

सदन से सडक़ तक बरपा हंगामा

प्रदेश में विधानसभा के भीतर और बाहर गुरुवार को किसान आंदोलन खूब गंूजा। महापड़ाव के लिए विधानसभा की ओर कूच करते किसानों को पुलिस ने जगह-जगह रोका और गिरफ्तारियां की। जयपुर में हटवाड़ा रोड पर विधानसभा जाने से पहले ही रोक दिया गया। गुरुवार सुबह सीकर से जयपुर के लिए रवाना हुए किसानों को रामूकाबास के पास पुलिस ने रोक लिया। आक्रोशित किसानों ने वहीं सडक़ पर ही डेरा डाल दिया।

इधर, सदन में विपक्ष ने सरकार पर किसान आंदोलन को कुचलने, अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा करने का आरोप लगाया। इस पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सफाई दी कि कोर्ट के आदेश की पालना में किसानों के महापड़ाव को मंजूरी नहीं दी गई। इसी कारण प्रदेशभर में किसानों को रोका और गिरफ्तार किया गया। गृहमंत्री कटारिया ने कहा, किसान कह देंगे कि महापड़ाव नहीं होगा, तो पुलिस उन्हें रिहा कर देगी।

रास्ता रोका, चुनावों में घुसने नहीं देंगे
किसानों ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर महापड़ाव की घोषणा कर रखी थी। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों से आए किसानों का हटवाड़ा के यहां जमावड़ा लग गया। वहां अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यालय पर सैकड़ों किसान जमा हो गए। पुलिस ने किसान भवन को चारों ओर से घेरकर किसानों को विधानसभा जाने से रोक दिया। किसानों ने वहीं पर सभा की और गिरफ्तारी दी। यहां अखिल भारतीय किसान सभा संयुक्त सचिव डॉ. संजय माधव ने कहा कि सरकार किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ कर दमन पर उतर आई है। आज सरकार ने किसानों का हर जगह रास्ता रोका है। चुनावों में किसान भाजपा का रास्ता रोकेगा।

आर-पार की लड़ाई को तैयार किसान

राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से किए वादे भूलकर किसानों से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार बैठी है। किसान सरकार को परेशानियां बताना चाहते हैं लेकिन उन्हें रोकने के लिए जयपुर सहित कई जगह पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। किसानों का दमन किया जा रहा है। किसान नेताओं को जेल में बंद कर दिया है। किसान सभा के कोषाध्यक्ष गुरुचरण सिंह मोड़ ने कहा कि सरकार ने आपातकाल जैसा दौर चला रखा है। सरकार बात सुनने को भी तैयार नहीं है। सरकार ने सभा के कार्यालय समेत पूरे प्रदेश को छावनी में बदल दिया। सडक़ों पर जाम के हालात बना दिए।

सैकड़ों किसानों, महिलाओं ने दी गिरफ्तारी

कार्यालय के बाहर किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवल, गुरुचरण सिंह मोड़, संजय माधव, उपाध्यक्ष दुलीचंद मीणा, जनवादी महिला राज्य समिति की कुसुम साईवाल, ताराचंद सिद्धू, निशा सिद्धू, गौतम डामोर सहित सैकड़ों किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार बसों में बैठाकर रवाना किया।
सदन में गृहमंत्री कटारिया ने बताया कि कोर्ट के आदेश के कारण जयपुर में महापड़ाव नहीं हो सकता। अब तक 179 लोगों को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया है। 17 लोग जमानत पर रिहा हो गए।

अब तक 179 किसान गिरफ्तार
सदन में गृहमंत्री कटारिया ने बताया कि कोर्ट के आदेश के कारण जयपुर में महापड़ाव नहीं हो सकता। अब तक 179 लोगों को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया है। 17 लोग जमानत पर रिहा हो गए।

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Updated on:
23 Feb 2018 11:29 am
Published on:
23 Feb 2018 11:04 am
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