
सीकर। शिक्षानगरी के मास्टर प्लान का पेंच अब सुलझने की आस जगी है। पिछले साल जारी मास्टर प्लान के प्रारूप को अब संशोधित करने की स्वायत्त शासन विभाग ने तैयारी कर ली है। इसके लिए सरकार ने नई कवायद करते हुए यूआइटी के क्षेत्र को आगे बढ़ा दिया है।
इससे सुविधा क्षेत्र आदि के लिए जगह नए जोड़े गए राजस्व गांवों में भी चिन्हित हो सकेगी। वहीं, सरकार की ओर से अब शिक्षानगरी के मुख्य मास्टर प्लान के साथ सेक्टर व जोनल प्लान भी तैयार कराया जाएगा। इससे भविष्य में लोगों को भी राहत मिलने के साथ नगर परिषद व यूआइटी का काम भी आसान हो सकेगा।
मास्टर प्लान बनने के बाद इन शहरों में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक क्षेत्रों, सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और हरित क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा। इससे शहरी विकास को व्यवस्थित दिशा मिलने के साथ ही अनियोजित निर्माण पर भी रोक लग सकेगी।
मास्टर प्लान के लिए स्वायत्त शासन विभाग की ओर से यूआइटी क्षेत्र का दायरा दो बार बढ़ाया जा चुका है। अब तक यूआइटी क्षेत्र में 50 से ज्यादा गांव-ढाणी शामिल हो चुके है। यूआइटी क्षेत्र में नए राजस्व गांव शामिल होने के बाद विभाग ने पिछले साल जारी मास्टर प्लान को संशोधित करने का दावा किया है।
-मास्टर प्लान शहर के विकास का पॉलिसी दस्तावेज है। इसमें पूरे शहर का विकास का वृहद प्लान शामिल है। मसलन, शहर के किस इलाके में भूउपयोग आवासीय, संस्थानिक, कॉमर्शियल होगा।
-रोड नेटवर्क से लेकर परिवहन, मनोरंजन, आवास से जुड़ा खाका खींचा जाता है। इसमें इलाकेवार विकास का प्लान है।
-जन सुविधा के लिए जगह आरक्षित की जाती है। इकोलोजिकल, हरियाली और पहाड़ी क्षेत्र के संरक्षण के लिए भी जगह चिन्हित होती है।
सीकर का मास्टर प्लान 2041 पिछली सरकार के समय तैयार हो गया था। लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से मास्टर प्लान के प्रारूप का प्रकाशन नहीं हो सका। इसके बाद लोगों की शिकायतों के बाद नई सरकार ने मास्टर प्लान को समीक्षा व विधिक राय के बाद ही जारी करने का दावा किया था। पिछले साल मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हुआ लेकिन लोगों ने सवाल उठाए तो सरकार ने नए सिरे से कवायद करने की बात कही थी।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का कहना है कि मास्टर प्लान के साथ ही जोनल व सेक्टर प्लान नहीं बनने की वजह से कई बार मास्टर प्लान की पूरी तरह से पालना नहीं हो पाती है। इसलिए अब मास्टर प्लान के साथ जोनल प्लान भी सभी शहरों के तैयार होंगे। शिक्षानगरी के मास्टर प्लान 2046 को भी जल्द धरातल पर लाने का प्रयास है।