
सीकर . अचंल में गुरुवार को मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा के साथ नवरात्रों की शुरूआत होगी। वर्षों बाद इस बार नवरात्रा स्थापना पर हस्त नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र कन्या राशि का है। इस बार देवी स्थापना में कन्या का चन्द्रमा व कन्या राशि में सूर्य व बुध होने से बुधादित्य योग बन रहा है जिससे देवी के पूजन करने वालों व व्रत करने वालों को अभिष्ट फल मिलेगा।
नवरात्र का यह रहेगा मुहूर्त
भागवताचार्य रामवतार मिश्र ने बताया कि नवरात्र स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रात: काल द्विस्वभाव लग्नयुक्त बताया गया है। जो प्रात: छह बजकर 18 मिनट से 7 बजकर 49 मिनट तक सर्वश्रेष्ठ रहेगा। जिसमें शुभ का चौघडिय़ा भी विद्यमान रहेगा। इसके अलावा प्रात: दस बजकर 50 मिनट से दोपहर एक बजकर 30 मिनट तक घट स्थापना कर सकते है।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस बार महाअष्टमी 28 सितम्बर को महानवमी 29 सितम्बर को होगी। पंडित मिश्र ने बताया कि नवरात्र स्थापना के साथ ही बाजार गुलजार होंगे। सात दिन विशिष्ट योग रवि व सर्वार्ध सिद्धी योग भी रहेंगे।
किस दिन कौनसा योग
तारीख योग समय
22 सितम्बर राज योग सुबह 6.19 से रात 12.38 तक
23 सितम्बर सर्वार्थ सिद्धी व रवि योग सुबह 6.19 से रात 2.15
25 सितम्बर रवि व सर्वार्थ सिद्धी सुबह 4.26 संपूर्ण दिन-रात
26 सितम्बर रवि योग सुबह 7.03 मिनट तक
27 सितम्बर रवि सुबह 6 से सुबह 9.57 तक
29 सितम्बर रवि दोपहर 3.48 मिनट से
नवरात्र स्थापना का शुभ समय
शास्त्रों के अनुसार नवरात्र स्थापना प्रात: काल में ही की जाती है। 21 को सुबह 6.18 बजे से 7.49 बजे तक द्विस्वभाव कन्या लग्न व शुभ का चौघडिय़ा में स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 11.56 बजे से 12.44 बजे तक भी स्थापना का शुभ मुहूर्त है।