सीकर

Rajasthan Politics : ‘पंचायत-निकाय चुनाव में BJP का करेंगे बहिष्कार- नहीं देंगे वोट’, राजपूत समाज के ऐलान से खलबली, जानें बड़ी वजह

Sikar BJP Rajput Controversy: सीकर में जिला जन अभाव अभियोग समिति में जगह न मिलने पर राजपूत समाज का फूटा गुस्सा। भाजपा को निकाय व पंचायत चुनाव में वोट न देने की चेतावनी।
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Aug 12, 2026
bjp
BJP - File Pic

राजस्थान के सीकर जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ अंदरूनी घमासान अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति में सदस्यों की हालिया नियुक्ति के बाद राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया गया और जारी की गई विवादित सूचियों में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में समाज भाजपा का पूर्ण बहिष्कार करेगा और एक भी वोट नहीं देगा।

मंगलवार को सीकर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान राजपूत समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिला भाजपा नेतृत्व पर सीधे तौर पर उपेक्षा और राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया, जिससे निकाय चुनावों से ठीक पहले शेखावाटी के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह गरमा गए हैं।

10 सदस्यीय समिति में एक भी राजपूत नहीं, समाज ने उठाए सवाल

राजपूत सभा सीकर के जिलाध्यक्ष रामसिंह पिपराली ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीकर जिले में राजपूत समाज लंबे समय से भाजपा को एकतरफा समर्थन और वोट देता आ रहा है। इसके बावजूद संगठन और प्रशासनिक स्तर पर समाज के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है।

नाम काटने का आरोप: रामसिंह पिपराली ने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ ने जान-बूझकर जन अभाव अभियोग निराकरण समिति की सूची से राजपूत समाज के योग्य कार्यकर्ताओं के नाम कटवा दिए।

प्रतिनिधित्व शून्य: 10 सदस्यीय जिला जन अभाव अभियोग निराकरण समिति में समाज के एक भी व्यक्ति को शामिल न किया जाना बेहद पीड़ादायक और अपमानजनक है।

संगठन में भी अनदेखी: समाज के नेताओं का कहना है कि परंपरागत रूप से भाजपा की जिला कार्यकारिणी में महामंत्री पद पर राजपूत समाज का प्रतिनिधित्व रहता आया है, लेकिन इस बार संगठन में भी इस परंपरा को तोड़ दिया गया।

2018 का इतिहास दोहराने से नहीं चूकेंगे: महिला विंग

जिला महामंत्री गजेंद्र सिंह राजास ने भाजपा को चेतावनी देते हुए याद दिलाया कि इससे पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में भी उपेक्षा के कारण समाज ने तत्कालीन सरकार को चुनावों में आइना दिखाया था। यदि परिस्थितियां नहीं बदलीं, तो आगामी स्थानीय चुनावों में भी इसका असर देखने को मिलेगा।

वहीं महिला विंग की जिलाध्यक्ष डॉ. बीनू शेखावत ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि अब मामला केवल पद का नहीं रह गया है। भाजपा नेतृत्व को यह जवाब देना ही होगा कि आखिर किस नीति के तहत राजपूत समाज को इस समिति में एक भी स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि "हमें अब कोई पद नहीं चाहिए, बल्कि पार्टी आलाकमान से इस उपेक्षा का स्पष्ट जवाब चाहिए।"

वरिष्ठ नेताओं से मिला प्रतिनिधि मंडल

आलाकमान के स्तर पर तय हुई सूची : भाजपा जिलाध्यक्ष

दूसरी ओर, राजपूत समाज के तीखे हमलों और भेदभाव के आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। मनोज बाटड़ ने कहा कि पिछले वर्ष जिला जन अभाव अभियोग समिति के लिए जिले के सभी वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों से नाम लेकर प्रदेश कार्यालय को भिजवाए गए थे।

बाटड़ ने कहा कि अंतिम सूची तैयार करने और जारी करने का पूरा काम जयपुर स्थित प्रदेश संगठन स्तर पर हुआ है। इसमें व्यक्तिगत रूप से किसी के साथ भेदभाव करने का सवाल ही नहीं उठता। बाटड़ ने कहा कि अब इस विरोध और समाज की भावनाओं से पार्टी के प्रदेश मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। समिति को भंग करने या नए सिरे से सूची जारी करने का अधिकार केवल प्रदेश नेतृत्व के पास ही सुरक्षित है।

    सामाजिक व पूर्व प्रशासनिक हस्तियां रहीं मौजूद

    प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्र के कई वरिष्ठ जन और सेवानिवृत्त अधिकारी भी समाज के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। इस अवसर पर फतेहपुर राजपूत सभा के अध्यक्ष अमर सिंह दौनवा, सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी सज्जन सिंह चिड़ासरा, हेम सिंह धमोरा, तेज सिंह बगड़ी, भवानी सिंह सामी, विश्वदीप सिंह नरुका, बाल सिंह मुड़वारा, गिरधारी सिंह हिरना, भवानी सिंह राठौड़, संजय सिंह धमोरा और जेलेंद्र सिंह ठीमोली सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

    Updated on:
    12 Aug 2026 01:52 pm
    Published on:
    12 Aug 2026 01:52 pm