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Good News: लंबे इंतजार के बाद आई अच्छी खबर, बीकानेर बाईपास से सीधे जुड़ेगा सीकर का रीको क्षेत्र; यह होगा फायदा

Sikar RIICO–Bikaner Bypass Road Project: राजस्थान के सीकर में रीको औद्योगिक क्षेत्र को बीकानेर बाईपास से सीधे जोड़ने वाली सड़क की राह खुलने की उम्मीद फिर जगी है।
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Mar 18, 2026
Bypass
Photo: AI generated

सीकर। रीको औद्योगिक क्षेत्र को बीकानेर बाईपास से सीधे जोड़ने वाली सड़क की राह खुलने की उम्मीद फिर जगी है। जिला वन विभाग ने प्रोजेक्ट में अड़चन बनी अपनी 1.35 हेक्टेयर भूमि के डायवर्जन के लिए फिर से एफसीए के प्रोटेक्शन एंड नोडल अधिकारी को प्रस्ताव भेजा है।

पूर्व की आपत्तियों को दूर कर जनहित का हवाला देते हुए अनुशंसा सहित भेजे गए प्रस्ताव को नोडल अधिकारी ने भी स्वीकृत कर वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्य सचिव को भेज दिया है। यहां से फाइल केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। जहां से हरी झंडी मिलते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। बता दें कि वन विभाग की 1.35 हेक्टेयर भूमि की वजह से यह प्रोजेक्ट 8 साल से अटका हुआ है।

पत्रिका ने उठाया मुद्दा, जगी आस

रीको को जोड़ने वाले इस मार्ग की समस्या को कई बार राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया। पत्रिका में मुद्दा प्रकाशित होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र उद्यमी संघ के अध्यक्ष कमल किशोर डोलिया ने भी जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को ज्ञापन देकर मुहिम शुरू की। इसके बाद नए सिरे से प्रस्ताव आगे बढ़ा है।

मास्टर प्लान 2031 में दिखाया था विजन

रीको से बीकानेर बाईपास तक सड़क मास्टर प्लान 2031 का हिस्सा है। 2018 में सड़क का शिलान्यास पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने किया था। मास्टर प्लान के अनुसार रीको से बीकानेर बाइपास तक 1.3 किमी लंबी व 30 मीटर चौड़ी सड़क बननी थी। लेकिन बीच में वन विभाग की 450 मीटर लंबी भूमि का डायवर्जन नहीं होने से निर्माण कार्य अटक गया। 2021 में डायवर्जन के लिए जिले से फाइल चली तो उसमें सड़क की आवश्यकता और वन भूमि पर अतिक्रमण की आपत्ति ने काम अटका दिया। अब आपत्तियों के समाधान सहित प्रस्ताव भेजा गया है।

झिराना में दी जाएगी जमीन

सड़क के प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग की 1.35 हेक्टेयर भूमि का डायवर्जन होने पर नियमानुसार उतनी ही जमीन का फोरेस्टेशन होना भी जरुरी है। इसके लिए प्रशासन ने वन विभाग को नीमकाथाना के झिराना गांव में जमीन दी है। यदि केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलती है तो विभाग वृक्षारोपण कर उसे वन के रूप में विकसित करेगा।

जनप्रतिनिधियों व उद्यमी संघ ने शुरू किए प्रयास

शहर को जाम से निजात दिलाने वाले सड़क प्रोजेक्ट के लिए जरूरी वन भूमि के डायवर्जन के प्रयास जिले के भाजपा नेताओं ने भी शुरू कर दिए हैं। इसके लिए वे प्रदेश के वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री संजय शर्मा से संपर्क साध रहे हैं। सीकर जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मंत्री से भी सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा सीकर उद्यमी संघ भी कई मंचों पर इस समस्या को उठा चुका है।

यह होगा फायदा

1. कृषि मंडी और रीको औद्योगिक क्षेत्र सहित जयपुर रोड आने वाले हजारों वाहनों को अभी बाजार से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे बस डिपो, बजरंग कांटा और राणी सती इलाके में जाम की स्थिति रहती है। रीको से बीकानेर बाईपास सड़क बनने पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।
2. इस रास्ते का उपयोग करने से किसानों, व्यापारियों व आमजन का काफी समय व ईंधन भी बचेगा।

इनका कहना

रीको से बीकानेर बाईपास तक की सड़क के लिए वन भूमि की 1.35 हेक्टेयर भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव नोडल अधिकारी को भेजा है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार से उसकी अनुमति मिल जाएगी।
-दीपक कुमार, उप वन संरक्षक, सीकर

Updated on:
18 Mar 2026 02:24 pm
Published on:
18 Mar 2026 09:47 am