
सीकर। शहर के पूर्वी प्रवेश द्वार पर बनने वाले भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के देश के सबसे बड़े स्मारक की मूर्ति करीब एक करोड़ रुपए की लागत से बनेगी। जयपुर रोड पर रामू का बास तिराहे पर त्रिस्तरीय आधार पर लगने वाली 21 फीट की ये मूर्ति अष्टधातु से बनेगी, जिसका कुल वजन करीब चार टन होगा।
भारत रत्न चौधरी चरणसिंह स्मृति संस्थान ने मूर्ति की डिजाइन तय कर ली है। संस्थान मंत्री दयाराम महरिया ने बताया कि मूर्ति में चौधरी चरण सिंह धोती-कुर्ते और टोपी में हाथ बांधकर बहु परिचित अंदाज में खड़े दिखेंगे। उनके बांये हाथ में घड़ी और पैरों में जूतियां भी होगी। उन्होंने बताया कि स्मारक का शिलान्यास भी अगले महीने प्रस्तावित है।
संस्थान अध्यक्ष व कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह ने बताया कि 1300 वर्गमीटर क्षेत्र में स्मारक करीब दो करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। इसमें त्रिस्तरीय आधार पर सात फीट के पेडेस्टर पर चौधरी चरण सिंह की मूर्ति रखी जाएगी। आधार में ही म्यूजियम और सार्वजनिक पुस्तकालय का निर्माण प्रस्तावित है। उसके चारों तरफ पार्क विकसित किया जाएगा।
चौधरी चरण सिंह स्मारक की खास बात इसमें सभी दलों, धर्मों और संस्थाओं का सहयोग भी है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह की अध्यक्षता में गठित संस्थान में उपाध्यक्ष भाजपा से राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी है। वहीं, माकपा से सांसद अमराराम भी संस्थान की बैठकों व कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।
विभिन्न संस्थाओं व संगठनों के अलावा सभी दलों के नेता व्यक्तिगत रूप से स्मारक निर्माण में आर्थिक अंशदान भी कर रहे हैं। यही वजह है कि कार्य शुरू होने से पहले ही संस्थान के पास 1.40 करोड़ रुपए आ चुके हें। इसमें सबसे बड़ी 41 लाख रुपए की राशि निजी शिक्षण संस्थान संघ से मिली है।
चौधरी चरण सिंह स्मारक निर्माण का उद्देश्य शेखावाटी में किसान एकता का संदेश देना है। जवान के साथ किसान की धरती भी कही जाने वाली शेखावाटी में 1935 में हुआ कूदन किसान आंदोलन अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में रह चुका है। आजादी के बाद भी ये धरती कई किसान आंदोलनों की गवाह रही। चौधरी देवीलाल और बलराम जाखड़ जैसे किसान नेता भी यहां से चुनाव जीतकर लोकसभा में जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
ऐसे में किसानों के मसीहा माने जाने वाले चौधरी चरण सिंह के नाम पर पहले नवलगढ़ रोड पर एक बड़े द्वार के बाद अब शहर में देश के सबसे बड़े स्मारक की नींव रखी जा रही है। कुंभाराम आर्य सहित जिले के जनजागरण में अहम भूमिका निभाने वाले आर्य समाज से जुड़े होने के कारण भी चौधरी चरण सिंह शेखावाटी की धड़कन माने जाते हैं।