सीकर

Success Story: यूट्यूब से सीखी टेक्नोलॉजी, राजस्थान के 8वीं के छात्र ने बना दी EV कार, 25 KM/h की है रफ्तार

Rudraksh Blara Sikar: यह कार एक बार चार्ज होने के बाद लगभग 30 किलोमीटर तक चल सकती है। कार बनाने में छात्र का लगभग 32 हजार रुपए का खर्चा आया है।

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Jan 22, 2026
फोटो: पत्रिका

Unique Innovation Of 8th Class Student: एक तरफ युवाओं में मोबाइल का स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ने की समस्या सामने आ रही है। दूसरी तरफ शिक्षानगरी के युवा रूद्राक्ष बलारा ने छुट्टी के दिनों का सही प्रयोग करते हुए नवाचार किया है। छात्र रूद्राक्ष बलारा ने अपने दम पर जुगाड़ के सहारे ईवी कार बना दी है। यह कार एक बार चार्ज होने के बाद लगभग 30 किलोमीटर तक चल सकती है। कार बनाने में छात्र का लगभग 32 हजार रुपए का खर्चा आया है। फिलहाल छात्र घर से दूध व सब्जी लाने सहित अन्य काम में उपयोग ले रहा है। आठवीं कक्षा के छात्र को समय मिलने पर लगातार अपडेट भी करने में भी जुटा है।

इससे पहले भी छात्र एसी सहित 15 से अधिक उपकरण बना चुके है। बलारा ने बताया कि ईवी कार 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ भी सकती है। रूद्राक्ष ने बताया कि ईवी कार में लाइट, हॉर्न, चार्जिंग पाॅइंट, ऑटोमैटिक गियर, आधुनिक तकनीक की लाइट, बैटरी चार्जिंग की क्षमता, स्पीड मीटर आदि सुविधाएं शामिल है। ईवी कार को चार्ज होने में लगभग चार घंटे का समय लगता है।

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नवाचार का ऐसे आया आइडिया

छात्र ने बताया कि पिछले कई सालों में लगातार ईवी कार व स्कूटी की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले साल अपने मामा के यहां जयपुर गए थे। यहां छात्र रूद्राक्ष ने ईवी रेस कार देखी तो घर पर ही ईवी कार बनाने की सोची। सोच को हकीकत में बदलने के लिए युवा ने पहले यूट्यूब पर कई वीडियो देखे। इसके बाद खुद योजना बनाकर काम शुरू किया तो पता लगा कि खर्चा 30 से 35 हजार तक पहुंच सकता है। इस बीच जब युवा का जन्मदिन आया मां शकुन्तला ढाका व पिता डॉ राजकुमार बलारा से इस मिशन में सहयोग के तौर पर मशीनरी दिलाने की मांग रखी।

आठ चार्जिंग पॉइंट, चार महीने में तैयार हुई

ईवी कार में मोबाइल चार्जिंग के लिए आठ पॉइंट दिए है। पत्रिका से खास बातचीत में युवा ने बताया कि ईवी कार को तैयार करने में लगभग चार महीने का समय लगा है। नवलगढ़ रोड स्थित महाराजा सूरजमल काॅलोनी निवासी छात्र ने बताया कि इससे पहले एसी व ईवी कूलर का नवाचार किया था। ईवी कूलर को कई मंचों पर सराहना भी मिल चुकी है। रूद्राक्ष के पिता राजकीय आयुर्वेद कॉलेज सीकर में असिस्टेंट प्रोफेसर है और मां शकुन्तला ढाका राजकीय गोकुलपुरा स्कूल में शिक्षिका है।

जो भी देखता है करता है बनाने की डिमांड

रूद्राक्ष ने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि ईवी कार बनाने में पिछले दिनों ही सफलता मिली थी। उन्होंने बताया कि जो भी इस कार को देखता है वह इस तरह की कार और बनाने की बात कहता है। उन्होंने बताया कि एक कार को बनाने में ही चार महीने का समय लग गया, इसलिए फिलहाल तो सभी को मना कर दिया है।

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Published on:
22 Jan 2026 08:43 am
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