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Success Story : सीकर के डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने रचा इतिहास, 51वीं बार नेट पास, 18 बार देश में किया टॉप

Rajasthan : सीकर के प्रो. डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने इतिहास रच दिया। हाल ही में हुई नेट परीक्षा में उन्होंने 100 परसेंटाइल के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है। डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने 51वीं बार नेट पास किया है और 18 बार देश में टॉप किया है।
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Sep 15, 2026
sikar suresh verma creat history 51 time qualified net 18 time top country
Rajasthan Success Story : सीकर के डॉ. सुरेश कुमार वर्मा। फाइल फोटो पत्रिका

Suresh Kumar Verma : सीकर के नीमकाथाना के थोई के पास स्थित रूपपुरा गांव निवासी प्रो. डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने हाल ही में हुई नेट परीक्षा में 100 परसेंटाइल के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है। प्रो. वर्मा 1999 से 2026 तक कुल 51 बार नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। इनमें से वे 18 बार पूरे देश में प्रथम स्थान पर आने के साथ ही जेआरएफ भी क्लियर कर चुके हैं।

प्रो. डॉ. सुरेश कुमार वर्मा की बेटी को भी केमिस्ट्री में बहुत रुचि है। उनकी पुत्री प्रियांशी वर्मा ने 2026 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित 12वीं की परीक्षा में केमिस्ट्री में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। प्रो. डॉ. सुरेश कुमार वर्मा 1999 से लेकर 2026 तक कुल 51 बार नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, जिसमें से वह 18 बार पूरे देश में प्रथम स्थान पर आए हैं। यही नहीं इसके साथ ही जेआरएफ भी क्लियर कर चुके हैं। इसके लिए इनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने मात्र 24 वर्ष की उम्र में पहला NET एग्जाम दिया था और तभी से सफलता का सिलसिला जारी है।

रसायन विज्ञान के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं डॉ. सुरेश कुमार वर्मा

डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनके शिष्यों ने भी देशभर में नेट और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। उनके कई शिष्य सरकारी सेवा में उच्च पदों पर आसीन हैं। प्रो. वर्मा 2001 से लेकर अब तक 25 बार इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) भी उत्तीर्ण कर चुके हैं, जिसमें तीन बार ऑल इंडिया में प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं। डॉ. वर्मा अभी राजकीय कन्या महाविद्यालय चौमूं, जयपुर में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान

प्रो. डॉ. सुरेश कुमार वर्मा की उपलब्धियों को देखते हुए उनका नाम लंदन स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है। प्रो. वर्मा की ऑर्गेनिक केमिस्ट्री पर चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा उनके 19 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र भी प्रकाशित हुए हैं। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनका योगदान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

Updated on:
15 Sept 2026 07:22 pm
Published on:
15 Sept 2026 07:22 pm