
सीकर। केन्द्र सरकार की ओर से शनिवार को बजट पेश होगा। केन्द्र के बजट से शेखावाटी के लोगों को भी काफी उम्मीदें है। शेखावाटी की अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी शिक्षण संस्थाएं व धार्मिक पर्यटन है। शेखावाटी के लोगों को इस साल बजट में धार्मिक पर्यटन सर्किट पर मुहर लगने के साथ विशेष पैकेज मिलने की संभावना है। वहीं युवाओं को स्टार्टअप व महिलाओं को लखपति योजना का दायरा बढ़ने से कई छूट मिलने की संभावना है। वहीं किसानों को फसल बीमा योजना, सरकारी भंडारण व सौलर एनर्जी को लेकर मिलने वाली सब्सिड़ी और बढ़ाई जाने की आस है।
शेखावाटी में लगातार धार्मिक पर्यटन बढ़ रहा है। खाटूश्यामजी, सालासर, जीणभवानी, शाकम्भरी, लोहार्गल व हर्ष सहित अन्य स्थलों पर लगातार देश-दुनिया के भक्त आ रहे है। ऐसे में यहां पर्यटन सर्किट बनने पर धार्मिक पर्यटन को और बूस्टर डोज मिल सकता है। धार्मिक पर्यटन पर मुहर लगते ही सभी धार्मिक स्थल आपस में जुड़ सकेंगे और बेहतर परिवहन की सुविधा भी मिल सकेगी।
पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने बताया कि सीकर नगर निगम के आबादी व क्षेत्रफल के हिसाब से सभी मापदंड पूरे करता है। इसके लिए मुख्यमंत्री से सीकर को नगर निगम का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा है। सीकर के नगर निगम घोषित होने के बाद विकास की रफ्तार और बढ़ सकेगी।
सरकार ने हर चुनाव में देश के साथ शेखावाटी की जनता से भी वादे किए है, लेकिन अभी तक ज्यादातर वादे अधूरे है। केन्द्र की भाजपा सरकार ने देश के किसानों से एमएसपी का वादा किया था। लेकिन अभी तक किसानों को फसल के पूरे दाम नहीं मिल रहे है। सरकार ने कालाधन को लाने की बात कही थी, लेकिन कालाधन अभी तक नहीं आया है।
बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा हुआ था, लेकिन अग्निवीर जैसी योजनाएं लाई जा रही है। सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है, लेकिन हकीकत देश का गरीब, किसान, मजदूर, युवा और आम आदमी जानता है। विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान शेखावाटी की जनता से यमुना का पानी लाने का वादा किया गया, लेकिन अभी तक डीपीआर तक नहीं बनी है।
बजट में सीकरवासियों को कोटपूतली-कुचामन मेगा हाइवे के फोरलेन होने की भी सौगात मिल सकती है। इसकी सर्वे आदि की प्रक्रिया भी पहले पूरी हो गई थी। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर इस साल के केन्द्र बजट में यह मार्ग फोरलेन होने की पूरी उम्मीद है। इस मार्ग के फोरलेन होने से सीकरवासियों की दिल्ली की राहें और भी सुगम हो सकेगी।
बजट इनोवेशन, इंक्लूजन और इन्वेस्टमेंट को देश की आर्थिक गतिविधि के रोडमैप के आधार पर होगा। इसमें अधिकतम टैक्स स्लेब को नई टैक्स रेजीम में 15 लाख की जगह 20 लाख किया जा सकता है। इससे मध्यम वर्ग को राहत मिल सकेगी। मैरिड कपल के लिए ज्वाइंट टैक्स फाइलिंग सुविधा की मांग भी पूरी हो सकती है। किसानो के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का दायरा भी बढ़ने की संभावना है। पेट्रोल-डीजल सस्ते होने की संभावना है। घर खरीदना भी सस्ते होने की संभावना है। हेल्थ बजट एवं रोजगार के मौके बढ़ाने, छोटे और मझोले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए उनसे जुड़े रेगुलेशन वाले कानूनों को सरल किए जाने की भी आस है। इसके जरिए अर्थव्यवस्था और मजबूत हो सकेगी।
-सीए गौरव अग्रवाल, सीकर