सिंगरौली

एमपी में रिश्वत लेते पकड़ाई मेडिकल ऑफिसर-सुपरवाईजर की जोड़ी, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

mp news: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत होने की बात लिखने के एवज में मृतक की पत्नी से मेडिकल ऑफिसर और सुपरवाईजर ने मांगी थी 1 लाख रूपये की रिश्वत...।
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singrauli
lokayukta caught medical officer and supervisor taking bribe of 30000 rupees

mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले का है जहां मेडिकल ऑफिसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सुपरवाईजर की जोड़ी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।

मृतक की पत्नी से मांगी थी 1 लाख रूपये रिश्वत

सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के बगैया गांव की रहने वाली महिला फूलमती सिंह ने बीते दिनों 30 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके पति जयपाल सिंह की मौत सांप के काटने से जून महीने में हुई थी। पति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत होने की बात लिखने के एवज में चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमरजीत सिंह और सुपरवाईजर राजकुमार बैस उससे 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। रिश्वत के पैसे मुआवजा राशि प्राप्त होने पर दिए जाने की बात उससे कही जा रही है।

मेडिकल ऑफिसर-सुपरवाईजर की रिश्वतखोर जोड़ी पकड़ाई

लोकायुक्त की टीम ने शिकायतकर्ता फूलमती सिंह की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर 03 अक्टूबर को लोकायुक्त ने जाल बिछाकर फरियादी फूलमती को रिश्वत के 30 हजार रूपये देने के लिए भेजा। रिश्वतखोर मेडिकल ऑफिसर और सुपरवाईजर ने रिश्वत की रकम देने के लिए आवेदिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चितरंगी बुलाया और वहां पर जैसे ही वहां आरोपियों ने फरियादी से रिश्वत के 30 हजार रूपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

Updated on:
03 Oct 2025 05:12 pm
Published on:
03 Oct 2025 05:12 pm