MP News : महिलाओं का कहना है कि उनकी सम्रग आईडी में उनके जिंदा पति को मृत घोषित कर दिया गया है। जबकि वो तो जिंदा हैं। इस प्रशासनिक त्रुटि का खामियाजा ये है कि वो लाडली बहन योजना का लाभ वो नहीं ले पा रही हैं।
MP News :मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जहां दो महिलाओं को अपने पति के जिंदा होने का सबूत देने के लिए कलेक्टर ल गुहार लगाना पड़ा। मामला जिले के अंतर्गत आने वाले देवसर जनपद इलाके के ग्राम मटिया का है। यहां रहने वाली मीना यादव और मिताउवा यादव ने सिंगरौली जिला कलेक्टर को आवेदन देकर ग्राम पंचायत के सचिव और उसके सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचायत के दोनों जिम्मेदारों के खिलाफ महिलाओं ने कलेक्टर से लिखित शिकायत की है।
कलेल्टर के समक्ष न्याय की गुहार लेकर पहुंची महिलाओं का कहना है कि उनकी सम्रग आईडी में उनके जिंदा पति को मृत घोषित कर दिया गया है। जबकि वो तो जिंदा हैं। इस प्रशासनिक त्रुटि का खामियाजा ये है कि वो लाडली बहन योजना का लाभ वो नहीं ले पा रही हैं। फरियादी महिलाओं के अनुसार, ग्राम पंचायत के सचिव एवं उसके सहयोगियों के द्वारा मनरेगा में मजदूरी करने के दौरान मजदूरी की मांग की थी, जिससे नाराज होकर ग्राम पंचायत के सचिव और उसके सहयोगी ने षड्यंत्र पूर्वक समग्र आईडी में उनके पति को मृत घोषित कर दिया, ताकि उन्हें मिलने वाला लाडली बहना योजना का लाभ बंद हो जाए।
पीड़ित महिलाओं ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके दस्तावेजों की त्रुटि में सुधार कर योजना का लाभ दिलवाने की गुहार लगाई है। मामले को लेकर अपर कलेक्टर अरविंद झा ने बताया कि, मटिया गांव की रहने वाली दो महिलाओं ने शिकायत की है। उनकी आईडी काट दी गई है, आवेदन पर जांच कर कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।