
सिरोही। जिले में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आबूरोड में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। रीको थाना पुलिस ने सोमवार को चंद्रावती गांव से चार संदिग्ध बांग्लादेशी महिलाओं को दस्तयाब किया। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के बाद सभी महिलाओं को सिरोही स्थित वन स्टॉप सखी सेंटर भेज दिया है। अब जिला विशेष शाखा समेत अन्य जांच एजेंसियां महिलाओं से पूछताछ कर उनके भारत में प्रवेश, पहचान और यहां रहने से जुड़ी जानकारी जुटाएंगी।
पुलिस के अनुसार, चंद्रावती गांव में चार महिलाओं के संदिग्ध रूप से रहने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर रीको थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिलाओं को दस्तयाब किया। उनकी पहचान और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिलाएं कब और किस रास्ते से भारत आईं और यहां किन लोगों के संपर्क में रहीं।
जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर सिरोही जिले में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान को लेकर अभियान चल रहा है। आबूरोड क्षेत्र में करीब 15 दिन के भीतर यह तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले दो अलग-अलग मामलों में तीन संदिग्ध बांग्लादेशी महिलाओं को दस्तयाब किया गया था। पूछताछ में उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उन्हें निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इससे एक दिन पहले माउंट आबू पुलिस ने एक होटल से 19 वर्षीय संदिग्ध बांग्लादेशी युवती को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार युवती की पहचान शीला अख्तर उर्फ उमा इस्लाम के रूप में हुई थी। प्रारंभिक पूछताछ में उसने करीब चार साल पहले बिना वैध दस्तावेज भारत में प्रवेश करने की बात कही थी। उसके पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट और जन्म प्रमाण पत्र भी मिला था। संबंधित एजेंसियों से सत्यापन के बाद उसके प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया शुरू की गई।
चंद्रावती से पकड़ी गई चारों महिलाओं से अब जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि उनके पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं और भारत में रहने के दौरान उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने पर सिरोही पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9530431323 पर सूचना दें।