
सिरोही. अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) अशोकपालसिंह मीणा ने शनिवार को आमली, सिवेरा ग्राम पंचायतों के आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया।
मीणा ने बताया कि ग्यारह बजे सादलवा आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचे तो दरवाजे पर ताला लटक रहा था। परिसर में गंदगी व कचरे के ढेर पड़े थे। मीणा ने आसपास स्थित ग्रामीणों से जानकारी ली तो बताया कि कार्यकर्ता धापू कंवर घर चली गई है। मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
तालाबफली (आमली) की आंगनबाड़ी में व्यवस्थाएं सही मिलीं। कार्यकर्ता सविता गरासिया नौनिहालों को पढ़ा रही थी। वहीं आशा सहयोगिनी विमला रेकॉर्ड संभाल रही थी। केन्द्र पर बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए सहायिका लसी देवी को पाबंद करने निर्देश दिए। संस्था प्रधान शिवलाल दहिया को आंगनबाड़ी पाठशाला के निरीक्षण व कार्मिकों की उपस्थिति स्कूल में लगाने के आदेश दिए।
अवकाश प्रार्थना पत्र स्वीकृत नहीं करने पर संस्था प्रधान को नोटिस
सिरोही. जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) टीमाराम मीणा ने शनिवार को वेरा रामपुरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया तो व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। मीणा ने बताया कि दो शिक्षकों के अवकाश प्रार्थना पत्र संस्था प्रधान की ओर से स्वीकृत व मार्क नहीं होने पर फटकार लगाई। संस्था प्रधान को भविष्य में प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही स्वीकृत कर उपस्थिति रजिस्ट्रर में लिखने को पाबंद किया। इस पर संस्था प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उधर, कक्षा १ से ५वीं तक के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क पाठ्यपुस्तकें कम मिलीं। उन्होंने और मंगवाकर बच्चों को वितरित करने के निर्देश दिए। इस साल १३४ बच्चों को स्कूल से जोडऩे का लक्ष्य मिला था। इसमें १२१ बच्चों को प्रवेश दिया गया। बाकी १३ बच्चों को १५ जुलाई तक अनिवार्य रूप से लक्ष्य पूर्ण करने के लिए संस्था प्रधान को पाबंद किया।
नहीं था पोषाहार
का सैम्पल
उधर, पोषाहार मैन्यू में शनिवार को रोटी-सब्जी थी लेकिन सैम्पल नहीं रखा गया था। ऐसे में भविष्य में प्रतिदिन पोषाहार पकने के बाद सैम्पल रखने के निर्देश दिए। बारिश होने के बाद सभी शिक्षकों को स्कूल परिसर में पौधरोपण करने का आह्वान किया। गरीब व वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ के लिए भामाशाहों को प्रेरित कर निशुल्क स्कूल सामग्री देने के निर्देश दिए।