सिरोही

माउंट आबू में अनोखा संयोग: 44 साल बाद उसी पद पर तैनात हुआ पोता, जहां दादा रहे थे DSP; चर्चा में पुलिस अफसर की ये कहानी

माउंट आबू में 44 साल बाद एक अनोखा संयोग देखने को मिला है। जोधपुर के गिलाकोर निवासी जितेंद्र सिंह राठौड़ ने माउंट आबू के नए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पदभार संभाला है। दिलचस्प बात यह है कि साल 1981-82 में उनके दिवंगत दादा रघुनाथ सिंह राठौड़ भी इसी पद पर माउंट आबू में ही कार्यरत थे।
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Sep 20, 2026
grandson appointed dsp in mount abu
जितेंद्र सिंह के दादा दिवंगत रघुनाथ सिंह राठौड़ और पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह राठौड़ (पत्रिका फोटो)

माउंट आबू (सिरोही): पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में एक अनोखा संयोग सामने आया है। पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह राठौड़ की पोस्टिंग उसी पद पर हुई है, जिस पद पर करीब 44 वर्ष पहले उनके दादा रघुनाथ सिंह राठौड़ तैनात रहे थे। जितेंद्र सिंह ने करीब एक माह पहले माउंट आबू में पुलिस उपाधीक्षक का कार्यभार संभाला है। उनके दादा दिवंगत रघुनाथ सिंह राठौड़ वर्ष 1981-82 में माउंट आबू में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर कार्यरत रहे थे।

जोधपुर जिले के गिलाकोर गांव निवासी राठौड़ परिवार के लिए माउंट आबू से जुड़ी पुरानी यादें 44 साल बाद फिर से जीवंत हो गई हैं। दादा के कार्यकाल के करीब साढ़े चार दशक बाद पोते को उसी स्थान और उसी पद पर पुलिस सेवा करने का अवसर मिला है। परिवार के लिए यह महज एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि दो पीढ़ियों को जोड़ने वाला यादगार संयोग है।

पर्यटन स्थल होने के कारण जिम्मेदारी भी अहम

माउंट आबू राजस्थान का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस उपाधीक्षक के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात प्रबंधन, पर्यटकों की सुरक्षा और स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर पुलिस समन्वय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहती हैं।

समय के साथ माउंट आबू का स्वरूप बदला है और पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियां भी बढ़ी हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखना, कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

दादा की सेवा से जुड़ी जगह अब पोते का कार्यक्षेत्र

राठौड़ परिवार के लिए यह संयोग इसलिए भी खास है क्योंकि जिस माउंट आबू में रघुनाथ सिंह राठौड़ ने 1981-82 में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं, वहीं अब उनके पोते जितेंद्र सिंह राठौड़ उसी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एक ही स्थान पर, एक ही पद पर दो पीढ़ियों का सेवा करना अपने आप में खास संयोग है। चार दशक से अधिक समय के अंतराल के बाद दादा और पोते की पुलिस सेवा की कड़ी माउंट आबू में फिर जुड़ गई है।

Updated on:
20 Sept 2026 02:59 pm
Published on:
20 Sept 2026 02:59 pm