सिरोही

Sirohi: 6 दिन की बेटी को कमर पर बांधकर मां ने की आत्महत्या, ढाई साल की बेटी समेत 3 की मौत, बेसुध पति पूछता रहा बस एक ही सवाल

Rajasthan Suicide Case: ये घटना सिरोही के ढिबड़ी गांव की है, जहां एक 25 वर्षीय मां ने अपनी छह दिन की नवजात और ढाई साल की बेटी के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। सुबह परिवार को तीनों के गायब होने का पता चला तो तलाश के दौरान यह दर्दनाक सच सामने आया।
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Dec 09, 2025
Sirohi-Suicide
बड़ी बेटी और मां की फाइल फोटो: पत्रिका

Mother Committed Suicide With 2 Daughters: सिरोही के ढिबडी गांव सोमवार सुबह ऐसी खबर के साथ जागा, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक 25 वर्षीय मां अपने दो मासूम बेटियों- ढाई साल की बच्ची और 6 दिन की नवजात के साथ कुएं में कूद गई। मासूमों की असमय मौत और एक मां का इतना दर्दभरा फैसला… हर आंख नम कर गया।

6 दिन पहले बेटी को दिया था जन्म

परिजनों के अनुसार जमना देवी पति केवाराम रेबारी पिछले दो माह से पीहर आई थी। छह दिन पहले उसने बेटी को जन्म दिया था। रविवार रात परिवार साथ बैठकर खाना खाकर सोए थे, लेकिन सुबह जब आंख खुली तो जमना और दोनों बेटियां कहीं नजर नहीं आईं।

तलाश शुरू हुई तो घर से थोड़ी दूरी पर कुएं के पास लाल चुनरी पड़ी मिली। चुनरी ने जैसे पूरे परिवार की सांसें थाम दीं। कुएं में झांककर देखा तो भीतर एक बच्ची का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

थानाधिकारी प्रवीण आचार्य के अनुसार कुएं में पानी अधिक होने से शव निकालना मुश्किल था। ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासन ने मिलकर मोटर और जनरेटर से करीब 30 फीट पानी बाहर निकाला। इसके बाद रस्सियों की मदद से तीनों शव बाहर निकाले गए। नवजात बच्ची उसकी मां की कमर से बंधी हुई थी, मां की अंतिम सांस तक साथ निभाने की दर्दनाक गवाही देती हुई।

घटना स्थल पर जिला कलक्टर अल्पा चौधरी और पुलिस अधीक्षक प्यारेलाल शिवरान पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीण शोक में इकट्ठा हो गए। तीनों के शवों का मंडार पीएचसी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए। मामले की जांच रेवदर तहसीलदार मंजू देवासी को सौंपी गई।

मां ने ऐसा कदम क्यों उठाया?

इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पति केवाराम, जो गुजरात में पशुपालन करता है, बार-बार विलाप करते हुए यही पूछ रहा है, 'परिवार में कोई विवाद नहीं था… फिर मेरी पत्नी ने ऐसा क्यों किया?' यह सवाल पूरे गांव के दिल पर भारी बोझ बनकर बैठ गया है।

Published on:
09 Dec 2025 07:48 am