Rajasthan panchayat elections: पंचायत और निकाय चुनाव में हो रही देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है और सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं।
सिरोही। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सिरोही जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर कहा कि यह सरकार की नाकामी है। भाजपा सरकार को पता है कि चुनाव हुए तो कांग्रेस को फायदा होगा, इसलिए जानबूझकर चुनाव टालने का प्रयास किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन कांग्रेस पहले ही कर चुकी है। महिलाओं को आरक्षण देने की पहल कांग्रेस ने ही की थी, लेकिन आज तक यह बिल लागू क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह लचर हो गई है। सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और भाजपा सरकार इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है। सरकार न तो प्रशासन को प्रभावी ढंग से चला पा रही है और न ही जनता से किए वादे पूरे कर पा रही है। भाजपा को आज लोग चला रहे हैं और संघ भी इसमें भूमिका निभा रहा है।
जूली ने कहा कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थीं, तब रिफाइनरी का शिलान्यास हुआ था, लेकिन भाजपा सरकार ने पांच साल तक काम रोककर रखा। बाद में कांग्रेस सरकार आने पर काम फिर शुरू हुआ। लागत 37 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर अब लगभग 80 हजार करोड़ रुपए हो गई है। एक लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना थी, लेकिन काम धीमा होने से यह पूरा नहीं हो पाया। रिफाइनरी के उद्घाटन से एक दिन पहले आग लगना दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्व में पहली बार किसी रिफाइनरी में ऑपरेशन के समय आग लगी है।
जूली ने सिरोही के स्थानीय मुद्दों पर सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर तीखा हमला बोला। रामझरोखा मंदिर भूमि पट्टा प्रकरण, नगर परिषद में कथित घोटाले, लालवेरा प्रकरण और शिवगंज चुंगी नाका जैसे मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन गंभीर मामलों में न तो प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई की और न ही प्रदेश सरकार गंभीर नजर आई। समझ नहीं आ रहा कि यह सरकार है या प्रोपर्टी डीलर। अब इन चारों मामलों को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा। जन लेखा समिति की बैठक में स्वायत्त शासन सचिव को भी तलब किया जाएगा और विस्तृत प्रश्नावली तैयार कर जवाब मांगा जाएगा। सिरोही के मुद्दों को दबने नहीं देंगे, सरकार को जवाब देना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आदर्श सोसायटी घोटाला बहुत बड़ा मामला है, जिसमें आम जनता की मेहनत की कमाई फंसी हुई है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे उठाया और हमने विधानसभा में भी यह मामला रखा। न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी।
रामझरोखा पट्टा प्रकरण और नगर परिषद से जुड़े मामलों में मंत्री की भूमिका को लेकर उन्होंने सवाल उठाए। कहा कि इतने बड़े मामले सामने आने के बाद भी जिम्मेदार लोग इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं। राज्य में नैतिकता का सवाल खड़ा हो गया है। सत्ता में बैठे लोगों को जनता की अदालत में जवाब देना होगा। कांग्रेस कमजोर नहीं है, बल्कि लगातार सरकार को घेर रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी, रेवदर विधायक मोतीराम कोली, जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया सहित अन्य मौजूद रहे।