
Sirohi hospital controversy : सिरोही। मासूमों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब उनकी मेडिकल जांच के दौरान जिला अस्पताल में कथित तौर पर चिकित्सक और स्टाफ ने पुलिसकर्मियों से कहा, "बारिश का मौसम है… बीयर लेकर आए हो?" शिकायत है कि बीयर नहीं लाने पर बच्चों की मेडिकल जांच पूरी किए बिना उन्हें अगले दिन आने की कहकर लौटा दिया गया। मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने गंभीरता से लेते हुए पीएमओ और सीएमएचओ से रिपोर्ट तलब की है।
प्राधिकरण सचिव सावित्री आनंद निर्भीक के अनुसार, शुक्रवार रात करीब आठ बजे कोतवाली थाना पुलिस, बाल कल्याण समिति के सदस्य और प्राधिकरण के कर्मचारी दो पीड़ित बच्चों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। शिकायत के अनुसार पहले चिकित्सक उपलब्ध नहीं मिले। बाद में आए चिकित्सक और स्टाफ ने कथित तौर पर बीयर की 10 बोतलों की मांग की। पुलिसकर्मियों के इनकार करने पर मेडिकल जांच अधूरी छोड़कर सुबह आने को कहा गया। शिकायत में ड्यूटी के दौरान नशे में होने का भी आरोप लगाया गया है।
बाल कल्याण समिति के माध्यम से मामला प्राधिकरण सचिव तक पहुंचा। उन्होंने पीएमओ डॉ. विरेन्द्र महात्मा और सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी को तलब कर रिपोर्ट मांगी। इसके बाद पीएमओ ने जांच समिति गठित कर दी। दोनों बच्चों की मेडिकल जांच पूरी कराई गई। मामले से जिला कलक्टर को भी अवगत करा दिया गया है।
उधर, यौन शोषण मामले में पुलिस ने शनिवार को हॉस्टल संचालक को गिरफ्तार कर लिया। हॉस्टल में सिरोही, जालोर और बाड़मेर के कक्षा 5 से 12 तक के करीब 40 बच्चे रहकर पढ़ाई करते थे। अब तक छह में से दो बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। जिनकी उम्र 10 और 12 वर्ष है।
जिला कलक्टर के निर्देश पर नगर परिषद ने हॉस्टल को सीज कर दिया। नगर परिषद आयुक्त जोधाराम विश्नोई ने बताया कि हॉस्टल बिना पंजीकरण संचालित हो रहा था। निरीक्षण में बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं मिली। 40 बच्चों के लिए केवल दो शौचालय थे तथा परिसर में गंदगी पाई गई।
बच्चों की मेडिकल जांच के दौरान पुलिसकर्मियों से बीयर मांगने की मौखिक शिकायत मिली है। पीएमओ और सीएमएचओ से रिपोर्ट मांगी गई है और जिला कलक्टर को भी अवगत करा दिया है।
सावित्री आनंद निर्भीक, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. विरेन्द्र महात्मा, पीएमओ, सिरोही