भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक पत्रकारों को कर रहे संबोधित, तभी फिसल गई जुबान...
सीतापुर. देश में बढ़ते जा रहे भाजपा सरकार के ग्राफ ने पार्टी के नेताओं को पहले से कहीं ज्यादा बदमिजाज बना दिया है। बीते कुछ समय में अक्सर सांसदों, विधायकों को जरूरत से ज्यादा बोलते सुना गया है। सोमवार को सीतापुर में पार्टी संगठन के एक बड़े पदाधिकारी ने अधिकारियों और विधायकों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया। खास बात यह रही कि इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे और पत्रकार वार्ता जारी थी।
भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक सीतापुर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया के साथ एक क्रान्फ्रेंस भी की। पत्रकारों द्वारा घटतौली के बाबत पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए महामंत्री विजय बहादुर पाठक एक सवाल को लेकर काफी नाराज हो गए। उनकी नाराजगी का आलम यह रहा कि उन्होंने अपनी भाषा का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा और कहा कि जो भी विधायक अधिकारियों से रुपये लेता होगा वो जाने। मेरे ऊपर कोई ***** आरोप नहीं लगा सकता। अपनी इस भारी गलती को अचानक समझते हुए विजय बहादुर ने बात को संभालते हुए फिर कहा कि इस संबंध में जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल महामंत्री की इस टिपण्णी को सुनते ही सभी भाजपाइयों के होश फाख्ता हो गए और सभी बात को घुमाने लगे। बहरहाल सीतापुर जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के लिए कहा था, लेकिन उनको इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए थी।
यह भी पढ़ें : 2019 से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, इन बड़े नेताओं ने राहुल गांधी को नेता मानने से किया इनकार
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रह चुके हैं पाठक
भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक भाजपा की सरकार बनने से पहले पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर भी लंबे वक्त मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं, लेकिन सीतापुर में आज उनकी फिसली जुबां ने पार्टी के अंदर की गुटबाजी और बिगड़ते हालातों को काफी हद तक जरूर साफ़ कर दिया है।
देखें वीडियो...