Cold Wave: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और गलन का प्रकोप लगातार जारी है। कुछ जिलों में धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई है। मौसम विभाग ने अब 17 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है, जिससे सर्दी और बढ़ने के साथ किसानों की चिंता भी गहरा गई है।
Cold Wave Intensifies in UP: उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप लगातार जारी है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर और गलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शुक्रवार को कुछ जिलों में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन ठंड की तीव्रता में कोई खास कमी नहीं आई। गलन भरी सर्द हवाओं ने अब भी लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रखा है। इसी बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर चेतावनी जारी करते हुए प्रदेश के 17 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज और बिगड़ सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। इसका सीधा असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने जिन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी है, उनके नाम सार्वजनिक किए गए हैं और संबंधित प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सर्दी का असर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर ट्रेनों और बसों के संचालन में देरी देखी गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। रात के समय तापमान गिरकर 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जबकि कुछ इलाकों में इससे भी कम तापमान रिकॉर्ड किया गया है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि और बारिश के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
ओलावृष्टि की चेतावनी ने प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में
जैसी फसलें खड़ी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेज ओलावृष्टि होती है, तो इन फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों का कहना है कि पहले ही ठंड और कोहरे की वजह से फसलों की वृद्धि प्रभावित हो रही है और अब ओलावृष्टि की संभावना ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग ने सर्दी और संभावित ओलावृष्टि को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें आम जनता और किसानों दोनों के लिए विशेष सुझाव दिए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। नगर निकायों को रैन बसेरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी ठंड से जुड़ी बीमारियों पर नजर रखने और अस्पतालों में जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में सर्दी का असर बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद ही मौसम में सुधार की संभावना है। तब तक लोगों को ठंड और गलन से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
ठंड के कारण गरीब और बेसहारा लोगों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सड़क किनारे रहने वाले लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और प्रशासन द्वारा अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन जरूरत अभी भी अधिक बताई जा रही है।