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Sitapur: पुलिस कार्रवाई से नाराज भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी थाने में धरने पर

Sitapur News: सीतापुर में भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर थाने परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। धरने की सूचना पर समर्थकों की भीड़ जुट गई और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।

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थाने पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी, समर्थकों संग किया प्रदर्शन (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

थाने पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी, समर्थकों संग किया प्रदर्शन (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

BJP MLA Gyan Tiwari Sits on Protest at Sitapur Police: सीतापुर जिले में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के विधायक ज्ञान तिवारी थाने परिसर में धरने पर बैठ गए। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज विधायक ने खुले तौर पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और संबंधित मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। विधायक के धरने की सूचना मिलते ही थाने पर समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।

थाने पर जताया कड़ा विरोध

जानकारी के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी एक प्रकरण में पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने से असंतुष्ट थे। उनका आरोप था कि पुलिस शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही है और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने में देरी हो रही है। इसी नाराजगी के चलते वे सीधे थाने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वे लगातार प्रशासन से संवाद कर रहे हैं, लेकिन यदि पुलिस ही सुनवाई न करे तो जनप्रतिनिधि को सड़क पर उतरना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

समर्थकों की भीड़, बढ़ी हलचल

विधायक के धरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक और स्थानीय नागरिक थाने पहुंच गए। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा। थाने परिसर में नारेबाजी भी हुई। समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

अधिकारियों से हुई वार्ता

धरने की सूचना पर उच्च पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक से बातचीत की। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाता और जांच तथ्यों के आधार पर ही आगे बढ़ती है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहकर ही हर कदम उठाया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा थाने में धरना देना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। हालांकि विधायक का कहना है कि वे जनता की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।