Sitapur News: बाघिन की दहशत से लोगों को राहत मिल गई है। गन्ने से खेत से वन विभाग की टीम ने बाघिन को पकड़ लिया है। रविवार तड़के उसे पकड़ा गया।
Sitapur News: सीतापुर के महोली रेंज में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान रविवार तड़के बाघिन को बेहोश करके सुरक्षित पकड़ लिया। बाघिन ने 22 अगस्त से दहशत फैला रखी थी।
कुछ दिनों पहले बाघिन ने नरनाई गांव के 22 साल के किसान सौरभ दीक्षित पर हमला कर दिया था। इसके एक हफ्ते बाद 29 अगस्त को बसारा के 50 साल के राकेश कुमार अपने खेत में उसी बाघिन से अचानक टकराने के बाद हार्ट अटैक से गिरकर मर गए। इन घटनाओं के बाद, दुधवा टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ डॉ. दयाशंकर और डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) नवीन खंडेवाल की अगुवाई वाली बचाव टीम ने नरनाई में एक कमांड सेंटर बनाया।
अगले एक महीने में बाघिन को फंसाने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाल बिछाया गया। शनिवार सुबह नरनाई के पास एक गन्ने के खेत में बाघिन 2 शावकों और एक नर बाघ के साथ देखी गई। ड्रोन निगरानी से इसकी पुष्टि हुई। जब बाघिन गन्ने के खेत से बाहर नहीं निकली, तो शाम को 40 सदस्यों की एक बचाव टीम को तैनात किया गया। इसके बाद JCB मशीन का इस्तेमाल करके टीम ने बाघिन को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन पहली बेहोश करने की कोशिश नाकाम रही।
इसके बाद पांचकरे बाबा इलाके के पास एक नया मचान बनाया गया। रात 12:15 बजे बाघिन को बेहोश कर पकड़ लिया गया। उसे भारी सुरक्षा के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली से इलसिया में वन विभाग के ऑफिस ले जाया गया। बाघिन को मुख्य वन संरक्षक के अगले आदेश तक पशु चिकित्सक की निगरानी में रखा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि बचाव अभियान सख्त सुरक्षा नियमों के साथ किया गया जिससे ग्रामीणों, वन कर्मचारियों या अन्य जानवर को कोई नुकसान ना हो।