Sitapur Murder Woman Constable Case: सीतापुर में महिला आरक्षी लता भार्गव और उनके बेटे की हत्या मामले में पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ, जिसमें पति ही साजिश का मुख्य आरोपी निकला।
Sitapur Murder Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। स्वामी विवेकानंद सामाजिक सेवा संस्थान सिधौली की छात्रा और उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात महिला आरक्षी लता भार्गव तथा उनके तीन वर्षीय पुत्र की निर्मम हत्या ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी भी व्यक्ति को अंदर तक हिला देने के लिए काफी हैं।
लता भार्गव ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर जीवन में सफलता हासिल की थी। स्वामी विवेकानंद सामाजिक सेवा संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में महिला आरक्षी के पद पर चयन पाया था। वर्तमान में उनकी तैनाती श्रावस्ती जिले में थी। उनका जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक था, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका अंत बेहद दर्दनाक परिस्थितियों में हुआ।
जानकारी के अनुसार, लता अपने पति दान सिंह और तीन वर्षीय बेटे के साथ नई कार की खुशी में नैनीताल घूमने निकली थीं। 25 फरवरी की रात गंज थाना क्षेत्र के चाकू चौराहे पर उनकी कार अचानक आग की लपटों में घिर गई।
शुरुआती तौर पर यह घटना एक सड़क हादसा प्रतीत हुई। बताया गया कि कार किसी अज्ञात डंपर से टकरा गई थी, जिसके बाद आग लग गई। इस हादसे में लता का बेटा मौके पर ही दम तोड़ गया, जबकि लता गंभीर रूप से झुलस गईं। अस्पताल ले जाते समय उनकी भी मृत्यु हो गई।
गंज कोतवाली पुलिस ने प्रारंभ में इसे सड़क दुर्घटना मानते हुए अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज किया। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विस्तृत जांच शुरू की। सीओ सिटी के नेतृत्व में गठित टीम ने जब साक्ष्यों और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।
जांच में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। पुलिस के अनुसार, लता के पति दान सिंह ने ही इस पूरी घटना की साजिश रची थी। उसने पहले अपनी पत्नी और बेटे को नींद की गोलियां देकर बेहोश किया। इसके बाद कार को जानबूझकर डंपर से टकराया, ताकि घटना सड़क दुर्घटना लगे। मौके पर अपने साथियों के साथ मिलकर कार पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस क्रूर साजिश में मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लता किसी तरह जिंदा बच गईं।
जांच के अनुसार, जब लता आग से बच गईं, तो आरोपी पति ने उन्हें अस्पताल ले जाने का बहाना बनाया। लेकिन रास्ते में दूसरी कार में बैठाकर उन पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी। यह घटना मानवता को झकझोर देने वाली है, जहां एक पति ने अपने ही परिवार को खत्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी वारदात के पीछे आर्थिक लालच और पारिवारिक स्वार्थ मुख्य कारण था। आरोपी पति अपनी पत्नी की नौकरी और उससे जुड़े लाभों को लेकर लालच में आ गया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस साजिश में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
सीतापुर के पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि, “यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। आरोपी ने बेहद क्रूरता से इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।