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भारी पुलिस बल के बीच गिराई गई मस्जिद, चला बुलडोजर, तालाब की जमीन पर हुआ था निर्माण

Mosque demolished in Sitapur: सीतापुर में करोड़ों रुपए से बनाई गई मस्जिद को बुलडोजर से गिरा दिया गया। इस मौके पर स्थानीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। ‌

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गिराई गई मस्जिद, फोटो सोर्स- पत्रिका

फोटो सोर्स- पत्रिका

Mosque demolished in Sitapur: सीतापुर में 12 साल पहले बनाई गई मस्जिद को भोर पहर गिरा दिया गया। इस मौके पर एडीएम, एएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस वालों को लगाया गया था। मस्जिद तालाब के ऊपर अवैध रूप से बनाई गई थी। जिसमें दो बड़े-बड़े हाल और चार छोटे-छोटे कमरे थे। इस संबंध में मस्जिद के मौलाना ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। मस्जिद के खिलाफ फैसला 6 जनवरी को दिया गया था। 15 दिन का नोटिस भी दिया गया था कि सामान को हटा लिया जाए। एडीएम ने बताया कि सरकारी जमीन को मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता में है और कानूनन यह कार्रवाई की गई है।

सुबह 3 बजे काफिले के साथ पहुंची टीम

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नयागांव बेहटी में तालाब की जमीन पर बनाई गई मस्जिद को जमींदोज कर दिया गया। आज सोमवार को भोर पहर 3 बजे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस का काफिला मौके पर पहुंचा। बुलडोजर ने आगे का काम किया। सुबह 8 बजे तक मस्जिद पूरी तरह गिरा दी गई थी।‌

ग्राम सभा की तरफ से की गई थी शिकायत

इस संबंध में ग्राम सभा की तरफ से तहसील में शिकायत की गई थी कि मस्जिद तालाब की भूमि पर बनाई गई है। 18 दिसंबर 2025 को कोर्ट में वाद दाखिल किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए 6 जनवरी 2026 को कोर्ट ने आदेश देते हुए मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया। इसके साथ ही अदालत में 15 दिन का नोटिस देकर मस्जिद हटा लेने की भी हिदायत दी।

प्रशासन ने की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

मियाद पूरी होने के बाद भी मस्जिद की देखरेख करने वालों की तरफ से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत नोटिस जारी किया। इसके बाद भी मस्जिद के निर्माण को नहीं हटाया गया। अंत में प्रशासन ने मस्जिद को गिराने का निश्चय किया। इस मौके पर एडीएम, एसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस वालों को भी बुलाया गया था।

क्या कहते हैं एडीएम नीतीश कुमार?

एडीएम नीतीश कुमार ने बताया कि दिन में भीड़भाड़ होने के कारण नहीं गिराया गया। रात में यातायात ज्यादा नहीं होता है। लोगों को परेशानी ना हो, इसलिए ऐसा किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को हटाना प्रशासन की प्राथमिकता में कार्रवाई की गई है। इस दौरान दो प्लाटून पीएसी, 18 थानों के प्रभारी सहित बड़ी संख्या में सब-इंस्पेक्टर और पुलिस कर्मियों को लगाया गया था।