
Big Action On Dilapidated Buildings Demolished: जयपुर के सुभाष चौक क्षेत्र में हालिया हादसे के बाद ग्रेटर नगर निगम ने भी जर्जर मकानों की सुध लेना शुरू कर दिया है। सोमवार को मानसरोवर और झोटवाड़ा जोन में कार्रवाई हुई। इस दौरान पांच मकानों को ध्वस्त किया गया, 17 जर्जर मकानों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए और 23 मकानों को सील किया गया।
आयुक्त गौरव सैनी ने बताया कि झोटवाड़ा जोन में 17 जर्जर भवनों को नोटिस जारी कर उन्हें मरम्मत और खाली करवाने के लिए व्यक्तिगत समझाइश दी गई। इसके अलावा दो जर्जर भवनों में निवास कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
एक जर्जर आंगनबाड़ी भवन को भी सील कर दिया गया। मानसरोवर जोन के वार्ड संख्या 85 में पांच जर्जर भवनों को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा 12 फ्लैट को सील कर दिया गया, जिनमें से कुछ फ्लैट्स में परिवार रहते थे, जबकि अन्य परिवार पहले ही अन्य घरों में शिफ्ट हो चुके थे।
जोना उपायुक्त लक्ष्मीकांत कटारा ने बताया कि वार्ड संख्या 70 के 10 जर्जर भवनों को पहले भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन मकान खाली नहीं किए जाने पर इन्हें सील किया गया।
जयपुर में जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने सोमवार को 14 बीघा में विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया। ये कॉलोनियां अलग-अलग जगहों पर विकसित की जा रही थीं। कार्रवाई के दौरान ग्रेवल-मिट्टी और ब्लॉक लगाकर बनाई जा रही सड़कों को भी तोड़ दिया गया। इसके अलावा अन्य निर्माण कार्य भी ध्वस्त किए गए।
पुलिस उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी ने बताया कि अजमेर रोड के ग्राम सांझरिया में तीन बीघा, ग्राम बेगस में तीन बीघा में सालासर सिटी और ग्राम कानोता में मालियों की ढाणी के पास आठ बीघा में केशव सिटी नाम से अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही थीं।