छिंदवाड़ा

Model District : इस स्कूल में पढ़ाई के साथ कराई जा रही हर तरह के काम्पटीशन की तैयारी

एकलव्य विद्यालय सिंगारदीप में जनजाति वर्ग के बच्चे कर पा रहे सर्वांगीण विकास

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Eklavya Model Residential School

छिंदवाड़ा/ प्रदेश में छिंदवाड़ा जिले को विकास के क्षेत्र में मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। यहां शिक्षा के में भी अनुकरणीय काम किया जा रहा है। दरअसल, विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों के उत्थान और उनके शारीरिक, मानसिक व सामाजिक विकास के उद्देश्य से उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए एकलव्य आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जिले के आदिवासी विकासखंड बिछुआ के ग्राम सिंगारदीप में संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय जनजाति वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यहां बच्चों को सामान्य शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।
बता दें कि इस विद्यालय का सीबीएसइ की दसवीं की परीक्षा का पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों का परिणाम शत-प्रतिशत और बारहवीं की परीक्षा का पिछले दो शैक्षणिक सत्रों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। 25 एकड़ में संचालित इस विद्यालय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अब तक 25 विद्यार्थियों, आकांक्षा योजना के लिए नौ विद्यार्थियों और भारतीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान की काउंसिलिंग में जेईई मेंस के आधार पर तीन विद्यार्थियों का चयन हो चुका है। दो विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय और तीन विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर कराते एवं दो विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर खो-खो खेलों में उपलब्धियां हासिल की है। सीबीएसइ बोर्ड द्वारा दमोह में आयोजित इंटर स्कूल गेम्स कॉम्पिटेशन में यहां की छात्राएं बालिका वर्ग अंडर-19 में तृतीय स्थान पर रही हैं। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ ही विभिन्न पाठ्य सहगामी गतिविधियों के माध्यम से जनजाति वर्ग के इन बच्चों का सर्वांगीण विकास हो रहा है।

25 एकड़ में संचालित

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सिंगारदीप के अधीक्षक लाखाजी माटे ने बताया कि इस आवासीय विद्यालय की स्थापना वर्ष 2011 में तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने की थी। प्रारंभ में यह ग्राम सामरबोह की शासकीय माध्यमिक शाला में अस्थाई रूप से शुरू किया गया जिसे वर्ष 2014 में सिंगारदीप ग्राम में एक सुसज्जित स्थाई भवन में स्थानांतरित किया गया। यह विद्यालय लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में स्थित है। कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एनएस बरकडे के मार्गदर्शन में संचालित इस विद्यालय में शैक्षणिक भवन, बालक छात्रावास भवन, बालिका छात्रावास भवन एवं कर्मचारियों के लिए आवास कक्ष उपलब्ध हैं। शैक्षणिक भवन में 16 कक्षाएं और सात प्रयोगशाला कक्ष, स्टाफ के लिए प्राचार्य कक्ष, कार्यालय कक्ष, परीक्षा कक्ष और चिकित्सकीय कक्ष उपलब्ध है। बालक व बालिका छात्रावास में निवास के लिए 40-40 कक्ष उपलब्ध हैं और प्रत्येक छात्रावास में अलग-अलग मेस व्यवस्था पूर्ण स्वच्छता के साथ संचालित की जाती है। संध्याकालीन विशेष कोचिंग के लिए दोनों छात्रावास में दो हॉल में कक्षाएं संचालित की जाती हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

तमाम सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जातीं

एकलव्य आवासीय विद्यालयों का संचालन मध्यप्रदेश ट्राइबल वेलफेयर रेसीडेंशियल एंड आश्रम एजुकेशनल सोसाइटी भोपाल से किया जाता है। विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, स्टेशनरी, गणवेश, ब्लेजर, कोट, स्वेटर, कैजुअल वियर एवं छात्रावास के लिए विषय सामग्री, प्रसाधन सामग्री व मेस के लिए शिष्यवृत्ति राशि नि:शुल्क प्रदान की जाती है। नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था व चिकित्सीय परीक्षण प्रत्येक वर्ष किया जाता हैं। नि:शुल्क खेल सामग्री भी प्रत्येक वर्ष प्रदान की जाती है। सीबीएसइ, हब ऑफ लर्निंग एवं सोसाइटी भोपाल के माध्यम से खेलों का नि:शुल्क आयोजन कराया जाता है। जनजाति कार्य विभाग मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा प्रत्येक वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी नि:शुल्क कराया जाता है। संस्था स्तर पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किचन गार्डन के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, जैविक खेती के गुण एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम से अवगत कराया जाता है। पुस्तकालय के लिए प्रति माह समाचार-पत्र व प्रतियोगी पत्रिकाएं विद्यार्थियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

सीखने की क्षमता विकसित की जाती

इस विद्यालय में स्काउट गाइड, कंप्यूटर लर्निंग प्रोग्राम, सुसज्जित प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, रिमेडियल क्लासेस, स्टाफ नर्स हैल्थ क्लब और जूनियर रेड क्रॉस यूनिट आदि के माध्यम से बच्चों में शैक्षणिक एवं अतिरिक्त गतिविधियों के संबंध में अध्ययन करने एवं सीखने की क्षमता विकसित की जा रही है। बच्चों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सी एवं डी ग्रेड के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला से संबंधित कक्षाएं पृथक से भी संचालित की जाती हैं । योग एवं पीटी की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जातीं हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं कॅरियर के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जाता है। प्रत्येक वर्ष दसवीं कक्षा के विद्यार्थी एनटीएससी और आठवीं कक्षा के विद्यार्थी मेरिट कम मींस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लेते हैं। बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को जेईई, नीट, आईआईटी, एनडीए आदि की परीक्षाओं के लिए तैयार कराया जाता है। कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा आगे की पढाई करने के लिए मध्यप्रदेश जनजाति कार्य विभाग भोपाल द्वारा आयोजित आकांक्षा योजना के अंतर्गत संभाग स्तर पर पूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था है जिसमें विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है।

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सिखाए जा रहे आत्मरक्षा के गुर

इस विद्यालय में पेरेंट्स टीचर काउंसिल की स्थापना की गई है जिसमें अभिभावकों को बच्चों की उपलब्धियों और गुणों के बारे में अवगत कराया जाता है। छात्रों की शिकायतों को जानने के लिए सुझाव बॉक्स भी रखा गया है। प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों को आईआईटी और विज्ञान से संबंधित तथ्यों की जानकारी के लिए साइंस ग्रुप के कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के सभी विद्यार्थियों को संस्था द्वारा नि:शुल्क शैक्षणिक भ्रमण कराया जाता है। विद्यालय में रीडर, आर्ट, साक्षरता, विज्ञान, दार्शनिक, स्पोट्र्स, कम्प्यूटर, इकॉनामिक्स आदि क्लबों के साथ ही विशेष सद्भाव क्लब का गठन भी किया जा रहा है जिससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ और जिले के सांसद नकुल नाथ के मार्गनिर्देशन में इस विशेष विद्यालय में शैक्षणिक के साथ ही सांस्कृतिक, खेलकूद, रोजगारोन्मुखी और अन्य गतिविधियों को उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित करने का संकल्प लिया गया है जिससे विद्यार्थियों का निरंतर सर्वांगीण विकास होता रहे।

Published on:
23 Nov 2019 12:13 pm
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