बांसवाड़ा

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस : बच्चों से लेकर बड़ों को तकलीफ देते है कृमि, अधिकांश लोगों को पता ही नहीं कि उनके पेट में पल रहे हैं कीड़े

पेट की समस्या से ग्रसित 40 फीसदी वयस्कों व 60 फीसदी बच्चों को तकलीफ देते हैं कृमि, गंदगी ही मुख्य कारण है पेट में कीड़ों का

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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस : बच्चों से लेकर बड़ों को तकलीफ देते है कृमि, अधिकांश लोगों को पता ही नहीं कि उनके पेट में पल रहे हैं कीड़े

बांसवाड़ा. पेट में कीड़े। पहली बार तो यों लगता है कि यह समस्या सिर्फ बच्चों को ही घेरती है। लेकिन यह सिर्फ भ्रांति है। चिकित्सकों की माने तो पेट में कीड़े अधिकांश तो बच्चों में ही पाए जाते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि बड़ों में नहीं हो सकते। ऐसे खूब केस आते हैं, जब उम्र दराज लोगों के पेट में भी कीड़े पाए गए हैं। विभिन्न चिकित्सकों ने प्रैक्टिस के आधार पर अनुमानित तौर पर बतायाकि पेट की समस्या से ग्रसित 40 फीसदी वयस्कों और 60 फीसदी बच्चों के पेट में कीड़े होने की समस्या सामने आती है।

इसलिए बच्चों में ज्यादा संभावना
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रद्युम्न शाह ने बताया कि कीड़ों की संभावना बच्चों में इसलिए ज्यादा होती है कि बच्चे मिट्टी में खेलते हैं और नंगे पैर घूमते हैं। साफ सफाई का ध्यान नहीं रख पाते हैं।

1. टैपवर्म
ये देखने में रिबन (फीते ) जैसा होता है ये 15 से 30फीट तक बढ़ सकते हैं।
लक्षण
मितली और उल्टी का होना
कुपोषण होना
पीलिया होने की संभावना अधिक रहती है

2. गोलकीड़े
ये कीड़े केंचुए की तरह दिखते हैं 30 से 35 सेंटीमीटर के आकार तक बढ़ सकते हंै।
लक्षण
- बुखार और सूखी खांसी इस कीड़े के मुख्य लक्षण है, जो इसके संपर्क में आने के बाद एक से दो सप्ताह में दिखलाई पड़ते हैं।

3. पेन वर्म
ये कीड़े सफेद सूती धागों की तरह होते हैं। ये आंतों में रहते हैं।
लक्षण
खुजली
थ्रेड कीड़े रात के दौरान रेंगते है, गुदा के पास अंडे देते है इससे खुजली की समस्या बढ़ती है

4. हुक वर्म
यह आमतौर पर दूषित मिट्टी के संपर्क से होते हैं और आंतो में प्रवेश करते है
लक्षण
खांसी और घबराहट
एनीमिया और थकान
बच्चे के मल में इन्हें देखा जा सकता है

आपके लिए - जानना यह भी जरूरी
इन कारणों से होते हैं कृमि
- मिट्टी में नंगे पैर खेलने से
- बिना हाथ धोए खाना खाने से
- खुले में शौच करने से
- साफ-सफाई न रखने से

ऐसे करें बचाव
नाखून साफ और छोटे रखें
हमेशा साफ पानी पीयें
खाने को ढंक कर रखें
साफ पानी से फल और सब्जियां अच्छी तरह धोएं
हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने के बाद
खुले में शौच से बचें
जुतों का उपयोग ज्यादा करें
(जैसा कि आरसीएचओ डॉ. नरेंद्र कोहली ने बताया)

खुद को भी नहीं होती जानकारी
चिकित्सक निलेश परमार ने बताया कि पेट की समस्या से ग्रसित मरीजों में 40 फीसदी मरीजों में पेट के कृमि होते हैं। और गौर करने वाली बात यह है कि मरीज को खुद भी पता नहीं रहता है कि उनके पेट में कीड़े है। वहीं, पेट की समस्या से ग्रसित 60 फीसदी बच्चों के पेट में कीड़े होते हैं।

Updated on:
08 Aug 2019 04:18 pm
Published on:
08 Aug 2019 04:16 pm
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