Rajasthan Highways Upgrade: राजस्थान के हाईवे अब नए रूप में नजर आएंगे, बड़े अपग्रेड के साथ सफर तेज और सुरक्षित होगा। 14 प्रमुख राजमार्गों पर काम से यात्रियों को समय की बचत और बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जयपुर। राज्य में हाईवे समेत अन्य आधारभूत ढांचे के संवर्धन को बड़ा बूस्ट मिला है। विश्व बैंक बोर्ड ने हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 14 राजमार्गों के उन्नयन के लिए 2025 करोड़ रुपए के लोन को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट, राजस्थान हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (आरएचएमपी) के संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा की। यह परियोजना राज्य के राजमार्ग अवसंरचना, सड़क सुरक्षा और परिवहन प्रणाली को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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परियोजना के अंतर्गत 14 राजमार्गों का उन्नयन, लगभग 926 किलोमीटर दायरे में किया जाएगा। इनमें 5 परियोजनाएं ईपीसी मोड तथा 9 परियोजनाएं एचएएम मोड पर विकसित होंगी। परियोजना में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) लागू किया जाएगा, जिससे रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, बेहतर प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
गौरतलब है कि हाल ही में विश्व बैंक बोर्ड ने आरएचएमपी के तहत इन सड़क मार्ग परियोजनाओं के उन्नयन के लिए 2025 करोड़ रुपए के लोन को स्वीकृति दी है। जल्द ही विश्व बैंक, भारत सरकार के आर्थिक मामलात विभाग, राजस्थान सरकार के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग और राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि आरएचएमपी राज्य में सड़क सुरक्षा, अवसंरचना विकास और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा राजस्थान को एक प्रगतिशील और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करेगा।
परियोजना के मुख्य उद्देश्य यात्रा समय में कमी लाना, सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को घटाना, लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार करना, दीर्घकालीन रोड नेटवर्क मास्टर प्लान विकसित करना, परिसंपत्तियों की पहचान कर उनका बेहतर उपयोग करना और सड़क सुरक्षा प्रबंधन क्षमता को बढ़ाना है।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेफ सिस्टम एप्रोच अपनाया जाएगा, जिसमें पोस्ट-क्रैश केयर पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत ट्रॉमा केयर सेंटर, जीपीएस युक्त एम्बुलेंस नेटवर्क, इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और गोल्डन आवर में उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा वे-साइड सुविधाएं, ईवी चार्जिंग अवसंरचना, पीपीपी आधारित विकास, रोपवे जैसे कम कार्बन परिवहन सिस्टम और वृक्षारोपण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही जयपुर और जोधपुर के लिए ट्रैफिक डी-कंजेशन योजनाएं, आईटीएस आधारित सार्वजनिक परिवहन और राज्य लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान भी तैयार किए जाएंगे। इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव परिवहन विभाग भवानी सिंह देथा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।