
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के जोन 6 में सफारी पर गए एक कैंटर के जंगल में खराब हो जाने पर यात्रियों के फंसने, मदद मांगने पर भी दूसरे कैंटर संचालक की ओर से मदद नहीं करने व वेटिंग कैंटर के देरी से लेने पहुंचने के मामले में तीन कैंटरों के ड्राइवर व एक गाइड को अग्रिम आदेशों तक प्रतिबंधित कर दिया।
वन विभाग के अनुसार शनिवार शाम की पारी में कैंटर संख्या आरजे 25, पीए 2171 के ड्राइवर कन्हैया एवं गाइड मुकेश कुमार पर्यटकों को जोन नंबर 6 में भ्रमण कराने ले गए थे। इसमें 20- 25 पर्यटक सवार थे। भ्रमण के दौरान कैंटर जंगल में खराब हो गया। इसके बाद वेटिंग ड्यूटी वाले कैन्टर संख्या आरजे 25 पीए 2230 को भेजा गया, जो नियमानुसार ड्यूटी के दौरान तत्कालीन समय गेट पर मौजूद नहीं था। इसके चलते वेटिंग कैंटर भी शाम 7.20 बजे एंट्री गेट पर पहुंचा। इससे पर्यटकों को लाने में काफी देर हुई।
भ्रमण के दौरान कैंटर के खराब होने पर गाइड मुकेश कुमार पर्यटकों को जंगल में छोड़कर बाहर आ गया। उसके जंगल से बाहर आने व लौटने में काफी देर होने से पर्यटक घबरा गए। वहीं एक अन्य कैंटर संख्या आरजे 25 पीए 2227 जो शाम 6.58 बजे एंट्री गेट पर पर्यटकों को भ्रमण करा कर लौटा था। उसने भी सभी पर्यटकों के नाके पर ही उतर जाने व खाली होने के बावजूद पर्यटकों को लाने से मना कर दिया।
वन विभाग ने इसे अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका में 17 अगस्त को बाघों के घर में फंसे 25 पर्यटक शाम ढली, गाड़ी बंद, गाइड भी भागा शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था।
वन विभाग ने कैंटर संख्या आर जे 25, पीए 2171 के ड्राइवर कन्हैया व गाइड मुकेश कुमार एवं कैंटर आरजे 25 पीए 2230 के वाहन चालक शहजाद चौधरी, कैंटर आरजे 25 पीए 2227 के वाहन चालक लियाकत अली को टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए अग्रिम आदेशों तक प्रतिबन्धित किया।