उदयपुर

Udaipur: गैराज पहुंची पुलिस की स्पेशल टीम, गाड़ियों के बोनट खोलकर की जांच, मालिक को फंसाने आए थे खुद फंस गए.. गिरफ्तार

Constable Trap In Udaipur: पूछताछ में सामने आया कि इस स्पेशल टीम में शक्ति सिंह, अर्जुन सिंह और अनिल मीणा भी शामिल हैं। एसीबी फिलहाल इन तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है।
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Updated: 12 Mar 2026, 8:38 AM IST
ACB Trap Udaipur
ACB Trap Udaipur

Udaipur ACB Trap: राजस्थान के उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस की स्पेशल टीम के एक कांस्टेबल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कांस्टेबल गैराज संचालक से कार्रवाई नहीं करने के बदले पैसे मांग रहा था। एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई कर उसे 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।

एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि उदयपुर की स्पेशल यूनिट को एक गैराज संचालक ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता महेंद्र डांगी का एकलिंगपुरा अंडरपास के पास प्रतापनगर रोड पर कार सर्विस का गैराज है। करीब चार–पांच दिन पहले कुछ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में सरकारी वाहन से उसके गैराज पर पहुंचे थे।

इन पुलिसकर्मियों ने गैराज में खड़ी गाड़ियों के बोनट खोलकर जांच की और संचालक को डराते हुए कहा कि यहां चोरी की गाड़ियां काटने की शिकायत मिली है। इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि गैराज में नाबालिग काम करते हैं और जीएसटी भी नहीं भरा जाता। पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की धमकी देकर गैराज को सीज कराने की बात कही।

शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद पुलिसकर्मी बार-बार गैराज पर आने लगे और कार्रवाई नहीं करने के बदले 50 हजार रुपये मासिक रिश्वत की मांग करने लगे। काफी मिन्नतें करने के बाद यह रकम 25 हजार रुपये तय हुई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों द्वारा 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई, जिसे बाद में 20 हजार रुपये लेने पर सहमति बनी।

इसके बाद एसीबी स्पेशल यूनिट उदयपुर ने बुधवार को ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान वृत्त नगर पूर्व की स्पेशल टीम में तैनात कांस्टेबल नागेंद्र सिंह को परिवादी से 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि इस स्पेशल टीम में शक्ति सिंह, अर्जुन सिंह और अनिल मीणा भी शामिल हैं। एसीबी फिलहाल इन तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है।

एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई।

Updated on:
12 Mar 2026, 8:38 AM IST
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