पामेचा के अनुसार स्वदेशी मेले में करीब एक लाख रुपए के गो उत्पादों की बिक्री हुई। इनमें गोमूत्र अर्क, संजीवनी रस, नीम-चंदन साबुन, धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन कंडे, गोघृत, बाम, तेल, मंजन और जैविक खाद शामिल हैं। उदयपुर में गो आधारित उत्पादों के निर्माण के तीन केंद्र विकसित हुए हैं। वसुधा-3, न्यू आनंद नगर सहित विभिन्न स्थानों पर इनका निर्माण हो रहा है। ढीकली में नरेश नागदा जैविक खाद और गो उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं। वे अब तक करीब एक हजार किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दे चुके हैं।