7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सिरोही में ‘रिश्वतखोर’ पिता-पुत्र का खेल खत्म: 1 लाख की घूस लेकर प्लॉट में गाड़ दिए थे नोट, ACB ने ऐसे खोद निकाला ‘खजाना’

Sirohi VDO Arrested Bribe: इस बार सिरोही में एक ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और उसका बेटा एसीबी के जाल में ऐसे फंसे, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है।
2 min read
Google source verification
रिश्वत के आरोपी पिता-पुत्र गोले घेरे में, फोटो - पत्रिका

रिश्वत के आरोपी पिता-पुत्र गोले घेरे में, फोटो - पत्रिका

ACB Rajasthan Trap News: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बार सिरोही में एक ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और उसका बेटा एसीबी के जाल में ऐसे फंसे, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

सिरोही जिले की अनादरा ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम विकास अधिकारी लक्ष्मी लाल ने एक परिवादी से उसकी पत्नी के नाम वाले आवासीय प्लॉट पर निर्माण स्वीकृति (Construction Permission) देने के नाम पर 1,00,000 रुपये की डिमांड की थी। इतना ही नहीं, परिवादी पर इस बात का भी दबाव बनाया गया कि सीमांकन के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सीसी रोड पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने के बदले उसे यह मोटी रकम चुकानी होगी।

बेटे को बनाया 'कूरियर बॉय', प्लॉट में छिपाए नोट

ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक, ट्रैप के दौरान आरोपी VDO लक्ष्मी लाल ने रिश्वत की राशि खुद न लेकर अपने बेटे अखिलेश कुमार को दिलवाई। जैसे ही बेटे ने एक लाख रुपये लिए, वह वहां से भाग निकला। लेकिन एसीबी की टीम ने हार नहीं मानी। मनोवैज्ञानिक पूछताछ का कमाल: जब लक्ष्मी लाल को हिरासत में लेकर कड़ाई से और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो सारा सच उगल दिया। बेटे अखिलेश की निशानदेही पर उनकी कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में गाड़ कर रखी गई एक लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।

अधिकारियों की टीम ने की बड़ी घेराबंदी

यह पूरी कार्रवाई ACB जोधपुर रेंज के डीआईजी भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और सिरोही के एडिशनल एसपी रामेश्वरलाल के नेतृत्व में की गई। फिलहाल, एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

एसीबी की अपील: यदि आपसे भी कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत एसीबी की हेल्पलाइन पर संपर्क करें।