
photo ai generator
आबूरोड (सिरोही)। होलिका दहन और धुलंडी के बीच खग्रास चंद्रग्रहण के कारण मंगलवार को शहर के केसरगंज क्षेत्र में करीब 100 साल पुराना परंपरागत होली मेला नहीं भरा। लोगों ने होली नहीं खेली। मंदिरों के पट बंद रहे। बाजार में दुकानें खुली रही। आसपास के गांवों में भी धुलंडी नहीं मनाई गई।
बता दें हर साल शहर में होलिका दहन के अगले दिन धुलंडी पर लोग रंगों और गुलाल से होली खेलते हैं। शाम को परंपरागत होली मेला भरता है जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचते हैं। बाजार पूरी तरह बंद रहता है। मंदिरों में सुबह विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिनका खग्रास चंद्रग्रहण के कारण अभाव रहा। अब बुधवार को शहर और आसपास के गांवों में लोग रंगोत्सव व मेले का आनंद लेंगे।
मंगलवार को धुलंडी पर कहीं-कहीं बच्चे एक दूसरे पर गुलाल लगाते व पिचकारी से रंगों की बौछार करते दिखाई दिए। धुलेंडी को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति भी बनी रही। हालांकि, लोगों ने ज्योतिष शास्त्रियों ओर से ग्रहण के मद्देनजर होली पर्व मनाने को लेकर दी सलाह का पालना की।
शहर में होली पर्व के तहत सोमवार शाम शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया। इस दौरान अग्रवाल विष्णु धर्मशाला, सुभाष मार्केट, कुम्हार मोहल्ला, मानपुर, गांधीनगर, नयाखेड़ा, आबकारी, सदर बाजार, लुनियापुरा समेत अन्य क्षेत्रों में लोगों की भीड़ रही। एक दूसरे से गले मिलकर पर्व की शुभकामनाएं दी। बच्चों ने बड़ों के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। घर-घर होली पूजा-पाठ किया।
Published on:
03 Mar 2026 06:22 pm
बड़ी खबरें
View Allसिरोही
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
