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Rajasthan Crime: कांता देवी मर्डर में नया खुलासा: चरित्र पर टिप्पणी बनी मौत की वजह, 2 महिलाओं ने उतारा मौत के घाट

असावा के बहुचर्चित कांता देवी रावल हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
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Varanasi Murder

सिरोही/पत्रिका. अनादरा थाना पुलिस ने असावा के बहुचर्चित कांता देवी रावल हत्याकांड में बड़ा खुलासा करते हुए हत्या में शामिल दूसरी महिला आरोपी को और गिरफ्तार किया है। दोनों महिला आरोपियों ने मिलकर कांता देवी का गला घोंटकर मौत के घाट उतारा था।

8 जनवरी 2026 को घर में मिला था शव

अनादरा थाना अधिकारी कमलेश ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को असावा गांव में कांता देवी रावल का शव उसके घर में मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच में मात्र दो दिन में मधु देवी पत्नी मणीलाल रावल को गिरफ्तार कर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया था।

लेकिन जांच के दौरान पुलिस को घटना की प्रकृति और मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर अकेली वृद्धा आरोपी की ओर से हत्या किया जाना गले नहीं उतरा। पुलिस को हत्या में किसी और के भी शामिल होने का शक हुआ। इसको लेकर गहनता से अनुसंधान शुरू किया।

पुलिस की सतत निगरानी और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर केवु उर्फ केउ देवी (50) पत्नी तगाराम भील निवासी असावा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पहले तो वह अनभिज्ञता जताती रही, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से लगातार सवाल-जवाब करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

आरोपी केवु ने पकड़े हाथ, मधु ने दबाया गला

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी केवु उर्फ केउ देवी ने बताया कि हत्या के दौरान उसने मृतका कांता देवी के दोनों हाथ पकड़े और मधु देवी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने ओढ़नी से मृतका के गले में फंदा बनाकर दोनों ने जोर खींचकर मौत की पुष्टि की।

बाद में दोनों ने शव को दूसरे कमरे में ले जाकर पटक दिया और वारदात को लूट का रूप देने के लिए मृतका के घर व उसके शरीर पर पहने हुए आभूषण चुरा लिए और घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया।

चरित्र पर ताना मारने से मनमुटाव, कर दी हत्या

थानाधिकारी अनादरा कमलेश के मुताबिक मृतका कांता देवी और पूर्व में गिरफ्तार आरोपी मधु देवी लोगों को ब्याज पर पैसे उधार देती थी। आरोपी मधु देवी ने आरोपी केवु देवी को पूर्व में करीब 1 लाख रुपए उधार दिए थे। जिसमें से 50 हजार तो उसने लौटा दिए, लेकिन शेष रकम बाकी थी। जिसको लेकर वह मधु के प्रभाव में थी।

इसके अलावा मधु ने भी कांता देवी से कुछ लोगों को पैसे दिलवाए थे, जो वापस दिलवाने का दबाव डाल रही थी। साथ ही मृतका कांता देवी की ओर से मधु देवी पर चरित्र को लेकर की गई टिप्पणी से भी वह नाराज थी। इसको लेकर आरोपी मधु और केवु ने मिलकर कांता देवी की हत्या कर दी।