
India Archery Medal at Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने अपने बेस्ट प्रदर्शन को दोहराते हुए इतिहास रच दिया। भारत ने जापान में 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 9 मेडल जीते और यह एशियन गेम्स के इतिहास में आर्चरी में भारत का बेस्ट प्रदर्शन है। इस दौरान एक सबसे रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जब कांस्य पदक के मुकाबले में भारत के ही धीरज बोम्मादेवरा और नीरज चौहान आमने-सामने हुए। दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन बाद में नीरज ने जीतकर मेडल अपने नाम कर लिया। हालांकि, दोनों के मुकाबले से पहले ही भारत के नाम एक मेडल कंफर्म हो गया था।
सेमीफाइनल मुकाबले में धीरज बोम्मादेवर को साउथ कोरिया के वोनसुक ली ने एकतरफा मुकाबले में 7-3 से हराया। 5 सेट तक चले मुकाबले में धीरज बोम्मादेवर एक भी सेट नहीं जीत पाए, तो वहीं साउथ कोरियाई खिलाड़ी ने 2 सेट जीते और 3 टाई किए, जिससे 7 अंक लेकर वह फाइनल में पहुंच गया। वहीं, धीरज को ब्रॉन्ज मेडल मैच में जगह मिल गई।
इसके अलावा, दूसरे सेमीफाइनल में नीरज चौहान का भी उससे भी बुरा हाल रहा, जहां वह 4 सेट में ही मुकाबला हार गए। पहले 2 सेट गंवाने के बाद जापानी तीरंदाज जूनियर नकाशी निशिनाका के खिलाफ वह 7-1 से मुकाबला हार गए। पहले दोनों सेट बुरी तरह हारने के बाद नीरज चौहान तीसरे सेट को ड्रॉ करने में सफल रहे, लेकिन चौथा सेट हारते ही मुकाबला गंवा दिया और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मैच में जगह मिल गई। धीरज यहां भले मेडल से चूक गए लेकिन उन्होंने इससे पहले मिक्स्ड और मेंस टीम का सिल्वर मेडल जीता था।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम आर्चरी में नंबर वन रही, जहां उसने 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा दिया। साउथ कोरिया 3 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे स्थान पर रहा, तो चीन ने 1 गोल्ड के साथ 6 मेडल हासिल किए। हालांकि भारत अगर सिर्फ एक मेडल और जीत लेता, तो यह एशियन गेम्स के इतिहास का सबसे बेस्ट प्रदर्शन दर्ज हो जाता।