
FIFA: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-जी में बेल्जियम और मिस्र के बीच खेला गया मुकाबला आखिर तक रोमांच से भरपूर रहा। दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन 90 मिनट के खेल के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर आकर थम गया। मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि मिस्र आसान जीत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन दूसरे हाफ में हुए एक आत्मघाती गोल ने पूरी कहानी बदल दी।
मुकाबले की शुरुआत तेज रफ्तार के साथ हुई। दोनों टीमों ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रमण करने की कोशिश की, लेकिन पहला बड़ा मौका मिस्र के हिस्से में आया। 19वें मिनट में इमाम अशूर ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को जाल में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद मिस्र का आत्मविश्वास बढ़ गया और टीम ने खेल पर अच्छी पकड़ बना ली। पहले हाफ में बेल्जियम लगातार बराबरी की तलाश में रहा, लेकिन मिस्र की मजबूत रक्षापंक्ति ने उसके सभी प्रयास नाकाम कर दिए। बेल्जियम के खिलाड़ियों ने कई बार हमला बोला, मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। हाफ टाइम तक मिस्र एक गोल की बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा और बेल्जियम दबाव में नजर आया।
दूसरे हाफ में मैदान पर एक अलग ही बेल्जियम दिखाई दिया। टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाई और लगातार मिस्र के गोलपोस्ट पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसका असर भी देखने को मिला। मैच के 66वें मिनट में बेल्जियम को बराबरी का मौका मिला, हालांकि यह गोल उनके किसी खिलाड़ी के नाम नहीं गया। रोमेलु लुकाकू के दबाव और थॉमस म्यूनियर के खतरनाक लो क्रॉस को रोकने की कोशिश में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी से बड़ी चूक हो गई। गेंद उनके पैर से लगकर सीधे अपने ही गोल में चली गई। इस आत्मघाती गोल ने स्कोर 1-1 कर दिया और बेल्जियम ने मुकाबले में वापसी कर ली।
इसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी। निर्धारित समय समाप्त होने तक स्कोर बराबर रहा और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। मिस्र के लिए यह परिणाम कुछ हद तक निराशाजनक रहा, क्योंकि टीम जीत के बेहद करीब पहुंच चुकी थी। वहीं बेल्जियम ने मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करते हुए एक महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किया। ड्रॉ के साथ दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला और ग्रुप-जी की प्रतियोगिता और भी दिलचस्प हो गई।