
FIFA: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जॉर्जिया के अटलांटा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप H के मुकाबले में 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन जीत दर्ज करने में नाकाम रही। पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही केप वर्दे की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। मैच के सबसे बड़े नायक केप वर्दे के गोलकीपर वोजिन्हा रहे, जिन्होंने कई अहम बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत स्पेनिश टीम लगातार हमलों के बावजूद गोल नहीं कर सकी। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। वर्ल्ड कप में अपनी शुरुआत कर रही केप वर्दे के लिए यह परिणाम किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा है, जबकि स्पेन को जीत नहीं मिलने से ग्रुप H का कॉम्पिटिशन और रोचक हो गया है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप H का मुकाबला उन मैचों में शामिल हो गया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक की जा सकती है। अटलांटा स्टेडियम में खेला गया स्पेन और केप वर्दे के बीच यह मुकाबला भले ही बिना किसी गोल के समाप्त हुआ हो, लेकिन मैदान पर रोमांच की कोई कमी नहीं थी। खास बात यह रही कि विश्व फुटबॉल की दिग्गज टीम स्पेन को पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्दे की टीम के सामने जीत नसीब नहीं हुई। मैच की शुरुआत होते ही स्पेन ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाने की कोशिश की। टीम लगातार आक्रमण करती रही और विपक्षी क्षेत्र में दबाव बनाने का प्रयास करती दिखी। हालांकि केप वर्दे की रणनीति बिल्कुल साफ थी। उसने रक्षात्मक खेल पर भरोसा किया और स्पेन के हर हमले को धैर्य के साथ रोका।
पहले हाफ में स्पेन को कुछ मौके जरूर मिले, लेकिन वे उन्हें गोल में नहीं बदल सके। 23वें मिनट में खिलाड़ियों को राहत देने के लिए हाइड्रेशन ब्रेक लिया गया। इसके बाद भी खेल की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। स्पेन दबाव बनाता रहा और केप वर्दे अपनी डिफेन्स लाइन को मजबूती से संभाले रहा। नतीजा यह हुआ कि पहले 45 मिनट बिना किसी गोल के समाप्त हुए।
ब्रेक के बाद स्पेन ने अपनी गति और तेज कर दी। मिडफील्ड में उसकी पकड़ मजबूत दिखाई दी और टीम कई बार केप वर्दे के पेनल्टी क्षेत्र तक पहुंची। लेकिन अंतिम क्षणों में या तो पास गलत हो गया या फिर फिनिशिंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। दूसरी ओर, केप वर्दे ने भी केवल बचाव पर ही भरोसा नहीं किया। टीम ने समय-समय पर जवाबी हमले किए और स्पेन की डिफेन्स लाइन को सतर्क रहने पर मजबूर किया। हालांकि दोनों टीमों को गोल करने का मौका नहीं मिल पाया।
जैसे-जैसे मैच समाप्ति की ओर बढ़ा, स्पेन ने जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा दिया। अतिरिक्त समय में भी टीम ने लगातार हमले किए, लेकिन केप वर्दे के खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल और अनुशासन का परिचय दिया। हर प्रयास को विफल करते हुए उन्होंने मुकाबले को बराबरी पर बनाए रखा। आखिरकार रेफरी की अंतिम सीटी के साथ मैच 0-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ और दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।
विश्व कप में अपना पहला मैच खेल रही केप वर्दे की टीम के लिए यह ड्रॉ किसी जीत से कम नहीं माना जा रहा है। स्पेन जैसी मजबूत और अनुभवी टीम को गोल करने से रोकना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।