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Khelo India Winter Games 2025: पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने से खेलो इंडिया विंटर गेम्स स्थगित

खेलो इंडिया विंटर गेम्स की शुरुआत 2020 में हुई थी। पहले संस्करण में करीब 1000 खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिसमें 306 महिलाएं भी शामिल थीं।

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Feb 17, 2025

खेलो इंडिया विंटर गेम्स के 5वें संस्करण का दूसरा चरण 22 फरवरी से गुलमर्ग में होना था, लेकिन पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने की वजह से इस प्रतियोगिता को स्थगित कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने इस बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025, जो 22-25 फरवरी के लिए तय थे, अपर्याप्त बर्फबारी की वजह से टाल दिए गए हैं। जब बर्फ की स्थिति में सुधार होगा, तब नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।

यह लगातार दूसरा साल है जब बर्फबारी की कमी के कारण इन खेलों को टालना पड़ा है। पिछले साल भी जनवरी में बर्फ नहीं गिरने के कारण इन्हें फरवरी में आयोजित किया गया था। खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025 का पहला चरण 23 से 27 जनवरी तक लेह में हुआ था। इसमें आइस हॉकी और आइस स्केटिंग जैसी बर्फीली खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं।

पहले चरण में लद्दाख ने चार स्वर्ण सहित कुल सात पदक जीते, जबकि तमिलनाडु ने तीन स्वर्ण सहित कुल पांच पदक अपने नाम किए। महाराष्ट्र ने सबसे ज्यादा 10 पदक जीते, लेकिन सिर्फ दो स्वर्ण पदकों के कारण वह तीसरे स्थान पर रहा। खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2024 में महाराष्ट्र ने 20 स्केटिंग पदकों सहित छह स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया था। तेलंगाना दो स्वर्ण के साथ चौथे और कर्नाटक एक स्वर्ण के साथ पांचवें स्थान पर रहा।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स की शुरुआत 2020 में हुई थी। पहले संस्करण में करीब 1000 खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिसमें 306 महिलाएं भी शामिल थीं। इसके बाद हर साल इसमें भाग लेने वालों की संख्या बढ़ती गई। 2021 में 1350 से अधिक और 2022 में 1500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

2024 में इन खेलों में 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 700 से अधिक खिलाड़ी, 141 सहायक स्टाफ, 113 तकनीकी अधिकारी, 250 से अधिक वॉलंटियर्स और खेलों से जुड़े अन्य वॉलंटियर्स शामिल थे। इस संस्करण में कुल 136 पदक दांव पर लगे थे।

2024 का आयोजन खास रहा क्योंकि पहली बार भारत सरकार के युवा मामलों और खेल मंत्रालय ने भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ मिलकर इन खेलों का तकनीकी संचालन किया। इसमें राष्ट्रीय खेल महासंघों और भारतीय ओलंपिक संघ का भी सहयोग रहा।

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