
Indian Map Controversy at Glasgow Restaurant: ग्लासगो के एक भारतीय रेस्टोरेंट में कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को डिनर के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद यह रेस्टोरेंट विवादों में घिर गया। 'मिस्टर सिंह इंडिया–द होम ऑफ करी' नाम के रेस्टोरेंट ने वहां आए एथलीट्स को ऐसे नैपकिन दिए, जिन पर भारत का आउटलाइन मैप बना था। जैसे ही ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने देखा कि मैप में देश के नॉर्थ-ईस्ट इलाके को पूरी तरह से नहीं दिखाया गया है, तो उन्होंने तुरंत नाराजगी जताई।
बोरगोहेन ने कहा, "नैपकिन पर बने मैप में हमारा नॉर्थ-ईस्ट नहीं है। भारत का हर हिस्सा जरूरी है और उसे मैप में दिखाया जाना चाहिए।" बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के प्रेसिडेंट अजय सिंह ने स्टार बॉक्सर का समर्थन किया और पेपर नैपकिन पर मौजूद कुछ और बड़ी गलतियों की ओर इशारा किया, जिनमें जम्मू-कश्मीर का अधूरा नक्शा भी शामिल था।
सिंह ने रेस्टोरेंट मैनेजमेंट से कहा कि वे तुरंत उन गलत नैपकिन को हटा लें और नक्शे को ठीक करके उसमें भारत की पूरी क्षेत्रीय अखंडता को दिखाएं। हालांकि, इस मामले पर रेस्टोरेंट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ग्लासगो में 'मिस्टर सिंह इंडिया' खाने-पीने की एक मशहूर जगह है, जहां अक्सर स्पोर्ट्स टीमें और बड़ी-बड़ी हस्तियां आती रहती हैं। तीन दशकों से ज्यादा समय से इस रेस्टोरेंट ने ग्लासगो को पंजाबी विरासत और स्कॉटिश भावना के मेल से बनी एक पारिवारिक कहानी परोसी है।
सिंह परिवार की चार पीढ़ियों द्वारा चलाया जा रहा यह रेस्टोरेंट अपने खाने, मेहमाननवाजी और कम्युनिटी के जरिए पंजाबी खान-पान की विरासत और स्कॉटिश असर का मेल पेश करता है। इससे एक ऐसा डाइनिंग अनुभव मिलता है जो उन सांस्कृतिक लेन-देन को दिखाता है, जिन्होंने पिछले तीन दशकों में इस शहर को आकार दिया है।
ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए हैं। इस बार भारत को 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं। ओवरऑल भारत चौथे स्थान पर रहा है।