श्री गंगानगर

Rajasthan: ‘नए मकान में कौन रहेगा?’, हादसे में उजड़ा पूरा परिवार, एक साथ 4 लोगों की मौत, 6 महीने पहले हुई थी बेटे की शादी

बीकानेर के पास हुए सड़क हादसे में श्रीकरणपुर के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई। जन्मदिन मनाने जा रहा परिवार हादसे का शिकार हो गया जिसमें पति-पत्नी, मां और चाची की जान चली गई।
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Bikaner Accident
नए घर और मृतकों की फोटो: पत्रिका

4 People Died In Bikaner Accident: किसे पता था कि जन्मदिन की खुशियां मनाने निकला एक हंसता-खेलता परिवार अब कभी लौटकर अपने घर नहीं आ पाएगा। नियति का चक्र देखिए कि बुधवार शाम सड़क दुर्घटना में पलभर में पूरा परिवार उजड़ गया। बीकानेर लूणकरणसर के निकट हुए हादसे में श्रीकरणपुर के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत की खबर जैसे ही कस्बे में पहुंची हर कोई स्तब्ध रह गया। जिस किसी ने भी यह समाचार सुना, उसके मुंह से बरबस यही निकला, ‘क्या यह सच है?’, 'अब नए मकान में कौन रहेगा?' और देखते ही देखते पूरे कस्बे में मातम छा गया और शोक संवेदनाएं व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।

हादसे में वार्ड 25 गुरुसर निवासी संदीप शारदा (33) पुत्र बद्रीप्रसाद शारदा, उसकी पत्नी श्रुतिका शारदा (29), मां जीवन आशा शारदा तथा चाची सुषमा भास्कर (70) पत्नी रमेश शारदा की मौत हो गई। चारों लोग संदीप के मामा की पोती का जन्मदिन मनाने के लिए बीकानेर जा रहे थे।

हादसे में क्षतिग्रस्त कार

जानकारी के अनुसार श्रुतिका श्रीगंगानगर जिले के गांव नेतेवाला स्थित राजकीय विद्यालय में शिक्षिका थीं। सुबह परिवार श्रीकरणपुर से रवाना हुआ। पहले श्रीगंगानगर पहुंचे, जहां दोपहर करीब एक बजे श्रुतिका की स्कूल से छुट्टी होने के बाद सभी बीकानेर के लिए निकले, लेकिन लूणकरणसर के निकट अपराह्न करीब पौने चार बजे उनकी कार सडक़ किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, श्रुतिका की उपचार के दौरान मौत हो गई।

नए घर की फोटो: पत्रिका

हाल ही में बनवाया था नया मकान

जानकारी अनुसार करीब छह महीने पहले 23 जनवरी 2026 को संदीप और श्रुतिका का विवाह हुआ था। नई गृहस्थी की खुशियां अभी शुरू ही हुई थीं। संदीप के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। घर में केवल संदीप, उसकी पत्नी और मां साथ रहते थे। परिवार ने हाल ही में नया मकान बनवाया था, जिसमें खुशियों ने अभी दस्तक ही दी थी। बुधवार शाम हादसे की खबर के बाद वही घर चीख-पुकार और सन्नाटे में डूब गया।

‘मां’ विषय पर रचनाएं चर्चित रहीं

बताया जा रहा है कि बीकानेर जाते समय संदीप के आग्रह पर उनकी चाची सुषमा भास्कर भी साथ हो ली। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। सुषमा भास्कर राजकीय बालिका उमा विद्यालय में लंबे समय तक व्याख्याता और बाद में नौ एफए माझीवाला सरकारी स्कूल की प्रधानाचार्य भी रहीं। वे एक संवेदनशील साहित्यकार के रूप में भी जानी जाती थीं और विशेष रूप से ‘मां’ विषय पर उनकी अनेक रचनाएं चर्चित रहीं। शारदा परिवार कस्बे में अपनी पहचान और सामाजिक सरोकारों के लिए जाना जाता है।

Updated on:
06 Aug 2026 09:33 am
Published on:
06 Aug 2026 09:29 am