
श्रीगंगानगर: शादी का झांसा देकर एक युवक से साढ़े चार लाख रुपए ठगने और बाद में सात लाख रुपए की और वसूली के लिए उसे बंधक बनाकर मारपीट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुरानी आबादी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए फर्जी दुल्हन बनी संदीप कौर उर्फ सोनू और उसकी सगी बहन कुलदीप कौर को गिरफ्तार किया है। अदालत में पेश करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्त में ले चुकी है।
बाड़मेर के चौहटन (लखवारा जाटों की बस्ती) निवासी पीड़ित धन्नाराम जाट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि आरोपी गिरोह ने शादी करवाने के नाम पर श्रीगंगानगर के गुरुनगर स्थित एक मकान में उससे चार लाख रुपए लिए। इसके बाद 22 मई को कचहरी में फर्जी नाम 'कविता' बताकर संदीप कौर से उसकी शादी करवा दी गई। शादी के बाद धन्नाराम दुल्हन को अपने साथ बाड़मेर ले गया।
शादी के करीब 15 दिन बाद संदीप कौर वापस श्रीगंगानगर आ गई। जब धन्नाराम उसे वापस लेने पहुंचा तो आरोपियों ने दुल्हन को भेजने से इनकार कर दिया। 8 जुलाई को आरोपियों ने पीड़ित को दोबारा श्रीगंगानगर बुलाया और 50 हजार रुपए की अतिरिक्त मांग की। शाम को जब धन्नाराम ने वापस जाने की बात कही, तो आरोपियों ने उसे और उसके साथियों को एक कमरे में बंधक बना लिया। रिहाई के बदले सात लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई।
बंधक बनाने के दौरान आरोपियों ने धन्नाराम से दो मोबाइल फोन और सोने की दो अंगूठियां छीन लीं। गिरोह ने धन्नाराम और उसके साथी मनोज कुमार के साथ जमकर मारपीट की और इस पूरी वारदात का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद दो साथियों को पैसे का इंतजाम करने के लिए छोड़ दिया गया। बाद में पीड़ित धन्नाराम को सूरतगढ़ बाईपास पर और मनोज को करणपुर चुंगी के पास चलती बाइक से नीचे फेंक दिया गया।
मामले की जांच कर रहे एसआई दरिया सिंह और थाना प्रभारी सुमन परिहार ने बताया कि गिरफ्तार की गई संदीप कौर (20) और उसकी बहन कुलदीप कौर (42) इस गिरोह का अहम हिस्सा थीं। संदीप कौर का पति पहले से ही हत्या के एक मामले में जेल में बंद है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जी शादी और वसूली गिरोह की मुख्य सरगना 'कमो' नाम की महिला है। पुलिस इस मामले में कमो, हरमन, अरुण उर्फ अरमान और एक नाबालिग समेत पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस ठगी के इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में पूछताछ कर रही है।