
Retired Soldier Amar Singh Death Case: अनूपगढ़ में वार्ड सात में रिटायर्ड फौजी अमरसिंह की जान देने के मामले में पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रिटायर्ड फौजी ने शनिवार को घर के बरामदे में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। जान देने से पहले उसने आठ पेज का नोट लिखा जिसमें उसने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
घटना के समय अमर सिंह घर में अकेले थे। उनकी पत्नी कलावती देवी बीकानेर में अपने बड़े बेटे राजकुमार के पास थीं जो सेना में कार्यरत हैं। छोटा बेटा रामकुमार 65 जीबी गांव में चालक का काम करता है। अमर सिंह 2009 में सेना से MT ड्राइवर पद से सेवानिवृत्त हुए थे और बाद में एसबीआइ लाइफ में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य किया।
रिटायर्ड फौजी के जान देने का पता शनिवार शाम तब लगा जब सामने वाले मकान के लोग किसी काम से अपनी छत पर पहुंचे। वहां से उनकी नजर अमर सिंह पर पड़ी जो बरामदे में फंदे से लटके हुए थे। पुलिस ने शव को शनिवार रात राजकीय जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस को घर से 8 पेज का नोट मिला है। इसमें अमर सिंह ने बताया कि उन्हें सेना से संबंधित गोपनीय जानकारी देने के लिए धमकाया जा रहा था। नोट के अनुसार कुछ लोग एक लड़की की आड़ में उनसे सेना से संबंधित जानकारी लेना चाहते थे। इसमें 16 जुलाई को सावित्री देवी नामक किसी महिला के एक लड़की को आइटीआइ में प्रवेश दिलाने के लिए मदद मांगने का भी उल्लेख है।
नोट में अमर सिंह ने इंसानियत के नाते महिला और लड़की की मदद करने का उल्लेख किया है। इसके बाद एक व्यक्ति ने फोन पर अभद्र व्यवहार करते हुए सेना के कोड नंबर और अन्य गोपनीय जानकारी बताने का दबाव बनाया। पड़ोस में भी उनके बारे में पूछताछ की गई। नोट में अमर सिंह ने यह भी आशंका जताई कि उनका अपहरण कर सेना की जानकारी ली जा सकती है जिसके बजाय वह देश के लिए मरना पसंद करेंगे।
नोट में लिखा-बीवी-बच्चों माफ करना। दरअसल अमर सिंह ने अपनी पत्नी और बेटों से माफी मांगी और परिवार का ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने 29 जुलाई को फोन चोरी होने की शिकायत का भी जिक्र किया है। मृतक के पुत्र रामकुमार की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अधिकारी करतार सिंह ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।